तेज प्रताप यादव (सौजन्य-IANS) 
बिहार

तेज प्रताप यादव के खिलाफ FIR दर्ज, अनुष्का यादव के घर जबरन घुसने का लगा आरोप, सामने आया रिएक्शन

Tej Pratap Yadav Akash Yadav Case: बिहार में तेज प्रताप यादव के खिलाफ पाटलिपुत्र पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। इस पर तेज प्रताप यादव का रिएक्शन सामने आया हैं।

प्रिया जैस

Bihar FIR on Tej Pratap Yadav: लालू यादव के बेटे तेज प्रताप यादव के बुरे फंस गए हैं। बिहार में उस वक्त सियासी बवाल छिड़ गया, जब कोर्ट के आदेश पर जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव के खिलाफ पाटलिपुत्र पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई।

तेज प्रताप यादव के खिलाफ अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने मुकदमा दर्ज कराया है। पहले भी तेज प्रताप के साथ अनुष्का यादव का नाम सार्वजनिक रूप से जोड़ा जाता रहा है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने तेज प्रताप पर लगे आरोपों की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस ने दी जानकारी

एएसपी (कानून-व्यवस्था) दिव्यांजलि जायसवाल के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उन्हें जान से मारने की धमकी मिली है। सबूत के तौर पर उन्होंने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी है। पाटलिपुत्र पुलिस का कहना है कि ये धमकियां कथित तौर पर अमेरिका के एक नंबर से फोन करके दी गई। फिलहाल, पुलिस शिकायत के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। एफआईआर के अनुसार, यह घटना 6 जून की है। जब तेज प्रताप यादव और उनके सहयोगी मोतीलाल यादव कथित तौर पर पाटलिपुत्र इलाके में आकाश यादव के घर गए थे। हालांकि, इस समय आकाश यादव खाटू श्याम की तीर्थयात्रा पर गए हुए थे।

डराने और धमकाने का लगाया आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने जबरन घर में घुसने की कोशिश की और वहां मौजूद परिवार के सदस्यों को डराया-धमकाया। आकाश यादव ने यह भी आरोप लगाया गया कि उनके परिवार को लेकर धमकियां दी गईं। बाद में उन्हें मोतीलाल यादव और एक अन्य व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को एक आपराधिक गिरोह का सदस्य बताया था। शिकायत के अनुसार, फोन करने वाले ने उन्हें तेज प्रताप के खिलाफ सार्वजनिक रूप से कुछ भी न बोलने की चेतावनी दी।

तेज प्रताप यादव का रिएक्शन आया सामने

इस एफआईआर को लेकर तेज प्रताप यादव का भी बयान सामने आया है। तेज प्रताप यादव ने उन पर लगे सभी आरोपों का खंडन किया है। साथ ही इस मामले को उन्होंने सियासी रूप से प्रेरित और पूरी तरह से मनगढ़ंत बताया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि शिकायतकर्ता के आचरण को लेकर कानूनी नोटिस जारी किए जाने के बाद निजी रंजिश के कारण यह शिकायत दर्ज कराई गई थी।

सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने की साजिश

उन्होंने लिखा कि इन आरोपों का मकसद उनकी सार्वजनिक छवि और राजनीतिक कद को नुकसान पहुंचाना था। हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान किया है। उन्होंने अपने आलोचकों पर झूठ फैलाने और चरित्र हनन के लिए कानूनी प्रक्रियाओं का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।

तेज प्रताप कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और उन्हें विश्वास है कि सबूतों और उचित कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सच्चाई सामने आएगी। तेज प्रताप ने संकेत दिया कि जो लोग उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ वह सभी उपलब्ध कानूनी उपाय अपनाएंगे।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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