सांकेतिक तस्वीर (Image- Social Media) 
बिहार

Bihar Politics: नीतीश के इस्तीफे से पहले करीबी अफसरों ने पकड़ी दिल्ली की राह, क्या हैं इसके सियासी मायने?

Bihar में नई सरकार की चर्चाओं के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल। सीएम नीतीश के करीबी IAS अनुपम कुमार समेत कई अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए। 15 अप्रैल को नई सरकार की संभावना।

अर्पित शुक्ला

Bihar IAS Transfer: बिहार की सत्ता में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट के बीच प्रशासनिक महकमे में एक अप्रत्याशित 'क्लीन स्वीप' देखने को मिला है। एक तरफ जहां नीतीश कुमार के इस्तीफे और नई सरकार के गठन की अटकलें तेज हैं, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के सबसे भरोसेमंद माने जाने वाले IAS अधिकारियों ने दिल्ली का रुख कर लिया है।

मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार समेत कई दिग्गज अफसरों को अचानक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति (Central Deputation) पर भेजा जाना महज एक रूटीन तबादला है या भविष्य की किसी नई राजनीतिक बिसात की तैयारी? प्रशासनिक गलियारों में मची इस खलबली ने बिहार की भावी राजनीति को लेकर सस्पेंस और बढ़ा दिया है।

अनुपम कुमार बने ऊर्जा मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी

बिहार में नई सरकार बनने की चर्चाओं के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल सामने आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले कई वरिष्ठ अधिकारियों को केंद्र सरकार की प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। मुख्यमंत्री के सचिव रहे अनुपम कुमार को ऊर्जा मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। वहीं उनकी पत्नी और वरिष्ठ IAS अधिकारी प्रतिमा एस वर्मा भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा रही हैं। इसके अलावा IAS वंदना प्रेयसी को फर्टिलाइज़र विभाग में जॉइंट सेक्रेटरी बनाया गया है।

इन अधिकारियों का भी हुआ ट्रांसफर

इसी सूची में IPS अधिकारी राकेश राठी और IAS अधिकारी श्रवणन एम जैसे नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिन्हें केंद्र में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। बताया जा रहा है कि यह बदलाव ऐसे समय पर हुआ है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अभी तक औपचारिक रूप से इस्तीफा नहीं दिया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में उनके इस्तीफे और नई सरकार गठन को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

14 अप्रैल को नीतीश कुमार के इस्तीफे और 15 अप्रैल को नई सरकार गठन की संभावना जताई जा रही है। इसी बीच बड़े पैमाने पर अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। केंद्र सरकार द्वारा जारी पहली सूची के बाद दूसरी सूची भी जल्द आने की संभावना जताई जा रही है, जिसमें और भी अधिकारियों के नाम शामिल हो सकते हैं।

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