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बिहार

JDU ने किया धमाका तो मोदी के 'हनुमान' ने की सर्जिकल स्ट्राइक, महागठबंधन में पटना से दिल्ली तक भूचाल

Bihar Results 2025: एनडीए की अन्य सहयोगी पार्टियों का प्रदर्शन भी मजबूत रहा है। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) ने 6 सीटों पर चुनाव लड़ा है और 4 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।

अर्पित शुक्ला

Bihar Election Results: बिहार विधानसभा चुनाव के अब तक आए रुझानों ने राजनीतिक पंडितों को भी हैरान कर दिया है। पारंपरिक समीकरणों को दरकिनार करते हुए एनडीए गठबंधन भारी बहुमत की ओर बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। 243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए लगभग 201 सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि रोजगार और विकास के बड़े वादों के बावजूद तेजस्वी यादव की अगुवाई वाला महागठबंधन रुझानों में हाशिए पर दिखाई दे रहा है।

एनडीए की बड़ी जीत की ओर बढ़ते कदम

इस चुनाव में जेडीयू ने 101 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे और अब तक 76 सीटों पर बढ़त बनाई हुई है। पिछली बार 2020 के चुनाव में जेडीयू ने 115 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन केवल 43 सीटें जीत पाई थी। इस बार के रुझान जेडीयू के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार दिखा रहे हैं। वहीं, बीजेपी ने भी 101 सीटों पर चुनाव लड़ा है और अब तक मिले रुझानों के अनुसार 84 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। 2020 में बीजेपी ने 110 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और 74 सीटें जीती थीं।

एनडीए के अन्य सहयोगी दलों का प्रदर्शन भी मजबूत रहा है। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) ने 6 सीटों पर चुनाव लड़ा है और 4 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने इस बार एनडीए में शामिल होकर 29 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जिनमें से 20 सीटों पर वह बढ़त में है। 2020 में एलजेपी (आर) ने गठबंधन से अलग होकर 135 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन केवल एक सीट जीत सकी थी। इस बार का प्रदर्शन उनके लिए राजनीतिक पुनर्जीवन जैसा माना जा रहा है।

विपक्षी खेमे में हलचल

इन नतीजों ने विपक्षी महागठबंधन के भीतर हलचल मचा दी है। हालांकि महागठबंधन ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री चेहरा बनाकर चुनाव लड़ा था और यादव, मुस्लिम तथा मल्लाह वोटों को अपने साथ जोड़ने की रणनीति अपनाई थी, लेकिन रुझानों में यह समीकरण प्रभावी होता नहीं दिख रहा। इसके बावजूद यह कहना गलत होगा कि तेजस्वी यादव को जनता ने पूरी तरह नकार दिया है, क्योंकि उनकी पार्टी आरजेडी अब भी विपक्षी खेमे में सबसे आगे चल रही है।

कुल मिलाकर, चुनावी रुझानों ने साफ संकेत दे दिया है कि एनडीए इस बार बड़े बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की ओर अग्रसर है, जबकि महागठबंधन के सामने अपनी रणनीतियों की पुनर्समीक्षा की चुनौती खड़ी हो गई है।

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