Nitish Kumar Delhi Visit: बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार गुरुवार (09 अप्रैल, 2026) को पटना से दिल्ली पहुंचे। कल यानी शुक्रवार को वे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। अपने दिल्ली के दौरान वह लंबे समय के बाद मीडिया के सामने आए। राज्यसभा की सदयस्ता लेने से पहले मीडिया को दिए बयान में मौजूदा और भविष्य की राजनीति को लेकर कुछ बड़े ऐलान किए हैं।
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने कहा कि कल मैं शपथ लूंगा और अब यहीं रहूंगा। बहुत समय तक वहां (बिहार) काम किया। अब वापस यहां (दिल्ली) आ रहा हूं। इतने सालों में बहुत काम किया है वहां (बिहार)... अब यहां काम करूंगा। हमने तय कर लिया है यहीं रहेंगे और वहां वाला (सीएम पद के संबंध में) छोड़ेंगे।
जब मीडियाकर्मियों ने सीएम नीतीश से उनके बेटे निशांत कुमार को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने काह कि उनके बारे में हमारे नेता बताएंगे। गौरतलब है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से ठीक पहले निशांत कुमार की जदयू में एंट्री हुई है। कुछ लोगों का ऐसा भी मानना है कि अगर नीतीश कुमार के बाद जदयू कोटे से कोई मुख्यमंत्री बनेगा, तो निशांत ही हैं। हालांकि, अधिकारिक रूप से अभी कुछ भी साफ नहीं है
नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के इस बयान के बाद अब सवाल उठने लगा है कि क्या दिल्ली पहुंचते ही नीतीश कुमार ने यूटर्न ले लिया है? इससे पहले जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने साफ कहा था कि नीतीश कुमार जब सेशन चलेगा तो दिल्ली में रहेंगे और नहीं तो फिर पटना में रहेंगे। एनडीए की नई सरकार को मार्गदर्शन देते रहेंगे। नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही आगे बिहार चलेगा। अब नीतीश कुमार ने दिल्ली पहुंचने पर ये कहा है कि कल शपथ लूंगा और अब यहीं रहूंगा।
यह भी पढ़ें: महाचौपट राज की इससे बड़ी तस्वीर क्या हो सकती है? अररिया डबल मर्डर पर आया तेजस्वी यादव का बयान; सरकार को घेरा
दूसरी ओर नीतीश कुमार ने कहा कि वहां (बिहार) का छोड़ के यहां आए हैं… नए लोगों को कर देंगे। वहां इतना काम किए हैं…अब मेरे मन में हुआ कि अब यहीं रहें वही कर रहे हैं। तीन-चार दिन में बिहार नया करवा देंगे (मतलब नई सरकार वहां बन जाएगी)। पहले हम दिल्ली में ही थे। बीच में बिहार चले गए। फिर वापस यहां आ गए हैं। नीतीश कुमार के कहने का मतलब था कि पहले वो केंद्र में मंत्री थे, सांसद थे, इसके बाद बिहार के मुख्यमंत्री बने। अब वापस फिर से वे दिल्ली आ गए हैं।