Supreme Court Cancels Anant Singh Bail: मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उन्हें 1 दिसंबर तक आत्मसमर्पण कर जेल जाने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में सुनाया है। दुलारचंद के पोते नीरज कुमार ने पटना हाई कोर्ट के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने आज इस मामले में सुनवाई की। इस दौरान अनंत सिंह के वकील ने बताया कि उनके परिवार में 25 नवंबर को एक शादी है। इस पर कोर्ट ने मोकामा विधायक को शादी के बाद 1 दिसंबर को आत्मसमर्पण कर जेल लौटने का आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने अनंत सिंह को आत्मसमर्पण करने का आदेश देते हुए बिहार सरकार से इस मामले की जांच चार महीने में खत्म करने के लिए कहा। जांच पूरी होने के बाद अगली सुनवाई होगी। इससे पहले कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दिन संबंधित पक्षों को हिदायत दी थी कि 30 अक्टूबर को कोई स्थगन नहीं दिया जाएगा।
दुलारचंद हत्याकांड मामले में बिहार सरकार पार्टी नंबर 1 और अनंत सिंह पार्टी नंबर 2 हैं। बिहार सरकार ने इस मामले में 24 अक्टूबर को हलफनामा दायर किया था। वहीं अनंत सिंह ने कोर्ट से हलफनामा दायर करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था।
दुलारचंद के पोते नीरज ने अनंत सिंह को मार्च में पटना हाई कोर्ट द्वारा जमानत दिए जाने के फैसले को चुनौती दी थी। नीरज ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए कहा था कि हाई कोर्ट ने अनंत सिंह को जमानत देते समय आरोपी के आपराधिक इतिहास को नजरअंदाज किया और बेल दे दी।
दुलारचंद यादव के परिवार ने अनंत सिंह की जमानत को तुरंत रद्द करने और उन्हें जेल भेजने की अपील की थी। बिहार सरकार ने अपने हलफनामे में कोर्ट को अनंत सिंह की ‘बहुत भारी क्रिमिनल हिस्ट्री’ में हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में दर्ज 62 मुकदमों की जानकारी दी है।
अनंत सिंह दुलारचंद यादव हत्याकांड में मुख्य आरोपी हैं। दुलारचंद यादव की हत्या पिछले साल बिहार चुनाव के दौरान कर दी गई थी। दुलारचंद बिहार चुनाव में जन स्वराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए चुनाव प्रचार कर रहे थे। इस दौरान उनके और अनंत सिंह के काफिले आमने-सामने आ गए, जिसके बाद दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। इस दौरान वहां गोलियां चल गई थीं। इस गोलीबारी में दुलारचंद की मौत हो गई थी।