World Car Free Day क्या है? Source. Gemini
ऑटोमोबाइल

World Car-Free Day: 22 सितंबर को क्यों छोड़ी जाती है कार? जानें इतिहास और पर्यावरण पर असर

Car Free Day History: कार-मुक्त दिवस क्यों मनाया जाता है? यह सवाल तो कई लोगों के मन में होगा। तो बता दें कि इसके पीछे एक बहुत बड़ा इतिहास छुपा हुआ है। जो आज भी इस दिन की महानता को दिखाता है।

सिमरन सिंह

World Car-Free Day 2026: हर साल 22 सितंबर को विश्व कार-मुक्त दिवस (World Car-Free Day) मनाया जाता है। इस दिन लोगों को कम से कम एक दिन निजी कार और दूसरे वाहनों का इस्तेमाल कम करने के लिए प्रेरित किया जाता है। वहीं इसकी जगह पैदल चलने, साइकिल चलाने या सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने पर जोर दिया जाता है। वहीं इसका मकसद सिर्फ ट्रैफिक कम करना नहीं बल्कि लोगों को यह समझाना भी है कि शहरों में परिवहन के टिकाऊ विकल्पों को बढ़ावा देकर पर्यावरण पर दबाव कम किया जा सकता है।

तेल संकट से शुरू हुई वाहनों को कम करने की सोच

कार-मुक्त दिवस के बारे में बताए तो इसकी जड़ें 1970 के दशक में देखी जाती हैं। 1973 के तेल संकट के दौरान तेल की कमी और बढ़ती कीमतों के बीच कई यूरोपीय देशों ने ईंधन और वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के उपाय अपनाया था। इसी दौर में निजी वाहनों पर निर्भरता घटाने की चर्चा तेज हुई। वहीं बाद में 1990 के दशक में कई शहरों में कार-मुक्त या कम-कार वाले दिनों का आयोजन स्थानीय स्तर पर होने लगा। इसके बाद साल 2000 में यूरोपीय आयोग के सहयोग से पहला व्यापक पैन-यूरोपीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके बाद यह पहल दूसरे देशों और शहरों तक भी पहुंचने लगी थी।

एक दिन कार छोड़ने से हवा पर क्या असर?

जैसा कि सभी जानते है कि शहरों में बड़ी संख्या में पेट्रोल और डीजल वाहनों के चलने से प्रदूषण बढ़ता है। ऐसे में जब कुछ समय के लिए निजी वाहनों की संख्या कम होती है तो सड़कों पर वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी आ सकती है। वहीं वाहनों से निकलने वाले प्रदूषकों में PM2.5, PM10 और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे कण और गैसें शामिल हैं। ऐसे में ट्रैफिक कम होने पर इन प्रदूषकों का स्थानीय स्तर पर उत्सर्जन घट सकता है। लेकिन किसी शहर की वायु गुणवत्ता पर मौसम, हवा की गति, उद्योग और अन्य स्रोतों का भी असर पड़ता है।

सिर्फ प्रदूषण नहीं, शोर भी होता है कम

कार-मुक्त दिवस का एक फायदा ध्वनि प्रदूषण में कमी के रूप में भी देखा जा सकता है। जिसमें कम ट्रैफिक और हॉर्न की आवाज से व्यस्त इलाकों में कुछ समय के लिए शांत वातावरण बन सकता है।

इसके अलावा यह दिन लोगों को पैदल चलने, साइकिल चलाने और सार्वजनिक परिवहन जैसे विकल्पों को आजमाने का मौका देता है। जिसमें नियमित रूप से इन विकल्पों का इस्तेमाल निजी वाहनों पर निर्भरता घटाने में मदद कर सकता है। यही वजह है कि विश्व कार-मुक्त दिवस को सिर्फ एक दिन का अभियान नहीं बल्कि सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट और कम प्रदूषण वाली शहरी जिंदगी पर चर्चा बढ़ाने के अवसर के तौर पर भी देखा जाता है।

PM मोदी की मिमिक्री पड़ी भारी! विवाद के बाद कॉमेडियन पुलकित मणि के शो रद्द, मिलीं धमकियां

यूपी में BJP को हराना नामुमकिन, इकरा हसन के बयान पर इमरान मसूद का पलटवार; विपक्ष को दिए ये खास सलाह

अब पूर्व एयर मार्शल के हाथ राम मंदिर की कमान, जानिए अयोध्या में आवास से लेकर कार्यप्रणाली तक सब कुछ

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, ट्रायल जज के कामकाज पर इलाहाबाद HC से मांगी रिपोर्ट

TRAI का बड़ा फैसला! अब सिर्फ कॉल और SMS वाले सस्ते पैक भी होंगे उपलब्ध; ग्राहकों को मिलेगा ज्यादा विकल्प