Best Bikes For Girls: कॉलेज जाना हो, ऑफिस का रोजाना सफर या दोस्तों के साथ वीकेंड राइड अब बाइक चुनते समय सिर्फ लुक ही नहीं बल्कि वजन, सीट की ऊंचाई, माइलेज और आराम भी मायने रखते हैं। क्योंकि भारतीय बाजार में ऐसी कई मोटरसाइकिलें हैं जिनका डिजाइन स्पोर्टी है और जो अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से विकल्प देती हैं। इसमें TVS Raider 125 से लेकर Royal Enfield Hunter 350 तक है। ऐसे में यहां जानिए कुछ ऐसी बाइक्स के बारे में जिन्हें खरीदने से पहले अपनी जरूरत के मुताबिक परखा जा सकता है।
TVS Raider 125 अपने शार्प डिजाइन, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और चुनिंदा वेरिएंट में मिलने वाली कनेक्टिविटी सुविधाओं के कारण युवाओं को आकर्षित करती है। इसका वजन वेरिएंट के अनुसार करीब 123 से 125 किलोग्राम है इसलिए इसे खरीदने से पहले ट्रैफिक में चलाकर देखना उपयोगी रहेगा।
वहीं Honda SP 125 उन लोगों के लिए विकल्प हो सकती है जो रोजाना आने-जाने के लिए 125cc बाइक चाहते हैं। इसका स्पोर्टी डिजाइन और उपयोगी फीचर्स इसे ध्यान देने लायक बनाते हैं। माइलेज के लिए कंपनी के दावे के साथ-साथ असल इस्तेमाल में मिलने वाले नतीजे भी देखें।
Hero Xtreme 125R में शार्प बॉडी डिजाइन, चौड़ा पिछला टायर और चुनिंदा वेरिएंट में सिंगल-चैनल ABS मिलता है। कंपनी इसको लेकर बताती है कि इसका वजन करीब 136 किलोग्राम और सीट की ऊंचाई 790mm है। ABS अचानक ब्रेक लगाने पर पहियों के लॉक होने का जोखिम कम करने में मदद करता है लेकिन यह हर स्थिति में दुर्घटना से बचने की गारंटी नहीं देता।
वहीं Yamaha FZ-S सीरीज मस्कुलर डिजाइन और सीधी राइडिंग पोजिशन के लिए जानी जाती है। इसके अलग-अलग वेरिएंट में वजन और फीचर्स बदल सकते हैं इसलिए खरीदारी से पहले सही मॉडल की जानकारी लें।
Royal Enfield Hunter 350 मॉडर्न-रेट्रो डिजाइन के साथ आती है। इसकी सीट की ऊंचाई 790mm है लेकिन वजन करीब 177–181 किलोग्राम वेरिएंट और स्पेसिफिकेशन के अनुसार हो सकता है। कम सीट होने का मतलब यह नहीं कि बाइक हर राइडर को संभालने में आसान लगेगी।
Jawa 42 भी क्लासिक लुक पसंद करने वालों के लिए एक विकल्प है। इसकी सीट, वजन और राइडिंग अनुभव को अपने कद और जरूरत के हिसाब से जांचना बेहतर रहेगा।
अगर आप पहली बार बाइक खरीद रही हैं तो केवल स्टाइल देखकर फैसला न करें। शोरूम में टेस्ट राइड लें, बाइक को स्टैंड से उठाने और पार्किंग में मोड़ने का अनुभव देखें। दोनों पैर जमीन तक कितनी आसानी से पहुंचते हैं ब्रेक और क्लच कितने सहज लगते हैं और रोजाना के रास्ते के लिए माइलेज कैसा रहेगा इन बातों पर भी ध्यान दें। कीमत, बीमा और सर्विस का खर्च जोड़कर ही बजट तय करें।