E Scooter में आग लगने की घटना को कैसे कम करें। (सौ. Pixabay)
E-scooter safety tips: इलेक्ट्रिक वाहनों की दुनिया में ई-स्कूटर ने यात्रा को सस्ता, पर्यावरण-अनुकूल और स्मार्ट बना दिया है। लेकिन हाल के दिनों में बैटरी में आग लगने की घटनाओं ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आग लगने के मुख्य कारण क्या हैं और किन उपायों से इनसे बचा जा सकता है।
क्यों लगती है ई-स्कूटर की बैटरी में आग?
विशेषज्ञों के अनुसार बैटरी में आग लगने के पीछे कई कारण हो सकते हैं:
- प्लास्टिक कैबिनेट का पिघलना।
- हीट सिंक का कम होना।
- शॉर्ट सर्किट की स्थिति।
- अत्यधिक तापमान से बैटरी का गरम होना।
- मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट।
इन वजहों से बैटरी का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है, जिससे आग लगने का खतरा बढ़ता है।
चार्जिंग के दौरान बरतें ये सावधानियां
- राइड के तुरंत बाद चार्ज न करें: स्कूटर चलाने के बाद बैटरी गरम होती है। तुरंत चार्जिंग करने से तापमान और बढ़ सकता है, जिससे शॉर्ट सर्किट या आग लग सकती है। चार्जिंग से पहले कम से कम 30 मिनट का अंतर रखें।
- ओरिजिनल चार्जर का उपयोग करें: हमेशा कंपनी का दिया गया चार्जर ही इस्तेमाल करें। सस्ते आफ्टरमार्केट चार्जर बैटरी को नुकसान पहुंचा सकते हैं और आग का कारण बन सकते हैं।
- ओवरचार्जिंग से बचें: बैटरी को 100% तक चार्ज करने की बजाय 80% तक चार्ज करना सुरक्षित रहता है।
- चार्जिंग के समय सावधानी रखें: गाड़ी को हमेशा छांव में रखें और पूरी रात चार्जिंग पर न छोड़ें।
- भीगने के बाद चार्ज न करें: यदि ई-स्कूटर पानी में भीग जाए, तो बैटरी को तुरंत चार्ज करने से बचें।
- असामान्य गंध पर ध्यान दें: ड्राइविंग के दौरान अगर जलने जैसी महक आए, तो तुरंत वाहन रोकें और जांच कराएं।
कौन सी बैटरी है ज्यादा सुरक्षित?
ई-स्कूटर में दो तरह की बैटरियां इस्तेमाल होती हैं:
- लिथियम-आयन बैटरी: हाई पावर डेंसिटी के कारण कॉम्पैक्ट और ज्यादा पावरफुल होती है, लेकिन इसमें ओवरहीटिंग का खतरा अधिक रहता है।
- लिथियम फॉस्फेट (LFP) बैटरी: ये ज्यादा तापमान सहने में सक्षम होती हैं और आग का खतरा कम होता है। हालांकि इनकी पावर डेंसिटी कम होती है, जिससे आकार और वजन बढ़ जाता है।
दोनों बैटरियों के अपने फायदे और सीमाएं हैं। वाहन के प्रकार और उपयोगकर्ता की जरूरतों के आधार पर बैटरी का चुनाव करना चाहिए।
ध्यान दें
ई-स्कूटर की बढ़ती लोकप्रियता के बीच सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सही बैटरी, सही चार्जिंग आदतें और सावधानियां अपनाकर आग लगने की घटनाओं से बचा जा सकता है।