FASTag Annual Pass Refund for Unused Trips: देश में हाईवे और एक्सप्रेसवे का नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में रोज या अक्सर नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए टोल का खर्च भी बड़ा मुद्दा बन जाता है। इसी को देखते हुए सरकार ने FASTag Annual Pass की सुविधा शुरू की है। बता है कि ₹3,075 में मिलने वाला यह पास एक साल तक या तय ट्रिप्स की सीमा तक टोल भुगतान की झंझट को कम करता है। लेकिन इसे लेने से पहले इसके नियम समझना जरूरी है।
FASTag Annual Pass की वैलिडिटी को लेकर दो मुख्य शर्तें रखी गई हैं। जिसमें पहला पास जारी होने की तारीख से 12 महीने का समय और दूसरा अधिकतम 200 ट्रिप्स इनमें से जो भी पहले पूरा हो जाए तब तक पास वैध रहता है। जिसका सीधे तौर पर मतलब है कि अगर कोई व्यक्ति छह महीने में ही 200 ट्रिप्स पूरी कर लेता है तो उसका पास वहीं समाप्त हो जाएगा। दूसरी ओर अगर पूरे 12 महीने में सिर्फ 120 ट्रिप्स इस्तेमाल हुईं तो एक साल पूरा होते ही पास एक्सपायर हो जाएगा और बाकी 80 ट्रिप्स का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
अब सबसे बड़ा सवाल जो लोगों के मन में आता है कि पास की अवधि खत्म होने पर बची हुई ट्रिप्स के बदले क्या पैसे वापस मिलेंगे? इसका जवाब है नहीं। NHAI के नियमों के मुताबिक बची हुई ट्रिप्स पर न तो कोई रिफंड मिलेगा और न ही उन्हें अगले साल के Annual Pass में कैरी फॉरवर्ड किया जा सकता है। जिसका सीधा मतलब है कि पास की वैलिडिटी खत्म होने के बाद बची हुई ट्रिप्स लैप्स हो जाती हैं। पास खरीदते समय मिलने वाला लाभ एकमुश्त माना जाता है इसलिए बाद में अप्रयुक्त ट्रिप्स के लिए अलग से डिस्काउंट या भुगतान का प्रावधान नहीं है।
जानकारी में बताया गया है कि जब 12 महीने की अवधि या 200 ट्रिप्स में से कोई एक सीमा पूरी हो जाती है तो Annual Pass का लाभ समाप्त हो जाता है और FASTag सामान्य FASTag की तरह काम करने लगता है। इसके बाद टोल प्लाजा से गुजरते समय लागू टोल शुल्क आपके लिंक बैंक अकाउंट या FASTag वॉलेट से सामान्य तरीके से कटेगा। वहीं अगर आप दोबारा Annual Pass का लाभ लेना चाहते हैं तो निर्धारित शुल्क देकर इसे फिर से एक्टिवेट कराना होगा।
यह पास खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है जो नियमित रूप से नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करते हैं। महीने में कई बार टोल प्लाजा पार करने वाले वाहन चालकों के लिए 200 ट्रिप की सीमा काफी उपयोगी हो सकती है। वहीं अगर आप साल में केवल 2-3 बार लंबी दूरी की यात्रा करते हैं तो पास लेने से पहले अपने संभावित टोल खर्च की तुलना करना जरूरी है। क्योंकि इस्तेमाल न की गई ट्रिप्स का पैसा वापस नहीं मिलता।