Airbag का कैसे करें इस्तेमाल। (सौ. Freepik) 
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Airbag: सुरक्षा का साधन या छिपा खतरा? जानिए कार के फीचर्स से जुड़ी जरूरी बातें

कार निर्माता कंपनियों को गाड़ियों में एयरबैग देना अनिवार्य होता है। यह फीचर किसी भी सड़क हादसे के दौरान चालक और यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद अहम माना जाता है।

सिमरन सिंह

आजकल सभी कार निर्माता कंपनियों को अपनी गाड़ियों में एयरबैग देना अनिवार्य कर दिया गया है। यह फीचर किसी भी सड़क हादसे के दौरान चालक और यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद अहम माना जाता है। एक्सिडेंट के समय एयरबैग के खुलने से गंभीर चोटों का खतरा कम हो जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही एयरबैग अगर सही तरीके से काम न करें या आपकी थोड़ी सी लापरवाही हो जाए, तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है?

स्टीयरिंग और डैशबोर्ड में होते हैं एयरबैग

अधिकांश मॉडर्न कारों में अब 6 एयरबैग्स तक दिए जा रहे हैं। ये एयरबैग स्टीयरिंग व्हील, डैशबोर्ड के सामने वाले हिस्से, और कार के दोनों साइड में होते हैं। ये सभी एयरबैग्स क्रैश सेंसर से जुड़े होते हैं, जो किसी टक्कर या झटके के दौरान तुरंत एक्टिव होकर यात्रियों की जान बचाते हैं।

डैशबोर्ड पर पैर रखने की गलती न करें

बहुत से लोग सफर के दौरान आराम से बैठने के चक्कर में डैशबोर्ड पर पैर रख लेते हैं, लेकिन यह आदत खतरनाक साबित हो सकती है। यदि उस दौरान एयरबैग अचानक खुलता है, तो वह आपके पैरों को गंभीर रूप से चोट पहुंचा सकता है। कई मामलों में यह दुर्घटना को और ज्यादा घातक बना सकता है।

सीट बेल्ट न लगाई तो एयरबैग बेकार

अगर आप सीट बेल्ट नहीं पहनते, तो एयरबैग खुलने की संभावना कम हो जाती है। कई कारों में एयरबैग तभी एक्टिव होते हैं जब सीट बेल्ट लगी हो। ऐसे में बिना बेल्ट के सफर करने पर एक्सीडेंट की स्थिति में एयरबैग आपकी रक्षा नहीं कर पाएंगे, जिससे गंभीर चोट या जान का नुकसान हो सकता है।

प्रोटेक्शन गार्ड बन सकते हैं रुकावट

कार मालिक अक्सर गाड़ी की सुरक्षा के लिए आगे और पीछे प्रोटेक्शन गार्ड लगवाते हैं, लेकिन यह गार्ड एयरबैग की समय पर एक्टिवेशन में बाधा बन सकते हैं। ऐसे में टक्कर के समय एयरबैग सही वक्त पर नहीं खुल पाते और यात्रियों को गंभीर चोट आ सकती है। इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि प्रोटेक्शन गार्ड लगाने से बचें।

ध्यान दें

एयरबैग्स सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं, लेकिन उनका सही तरीके से इस्तेमाल और समझ जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही भी इस सेफ्टी फीचर को खतरनाक बना सकती है। हमेशा सीट बेल्ट पहनें, डैशबोर्ड पर पैर न रखें और अनावश्यक एक्सेसरीज़ से बचें।

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