नवभारत ऑटो डेस्क: भारतीय सेना दुनिया की उन चंद सेनाओं में शामिल है, जिनका नाम सुनते ही दुश्मनों की रूह कांप उठती है। सीमा पर मुस्तैदी से तैनात भारतीय सेना आधुनिक तकनीक और शक्तिशाली वाहनों की मदद से हर चुनौती का सामना करती है। आइए जानते हैं भारतीय सेना में शामिल कुछ खास वाहनों के बारे में जो हर मोर्चे पर मजबूती से खड़े हैं।
1991 में सेना के बेड़े में शामिल हुई मारुति जिप्सी अब तक भारतीय सेना की पहचान बन चुकी है। इसकी हल्की बनावट और कॉम्पैक्ट डिजाइन इसे दुर्गम पहाड़ी और रेगिस्तानी इलाकों में चलने में सक्षम बनाती है। इसकी जबरदस्त हैंडलिंग, आसान मेंटेनेंस और बेहतरीन परफॉर्मेंस ने इसे सैनिकों की पहली पसंद बना दिया।
देश की सबसे प्रतिष्ठित कारों में शुमार हिंदुस्तान एम्बेसडर सेना के उच्च पदों पर आज भी देखने को मिलती है। मजबूत बॉडी और आरामदायक राइड इसे खास बनाते हैं। हालांकि, 2014 में इसका उत्पादन बंद हो चुका है, लेकिन आज भी सेना के काफिलों में इसकी मौजूदगी दिखाई देती है।
महिंद्रा स्कॉर्पियो क्लासिक को उसकी दमदार बिल्ड क्वालिटी और शानदार ऑफ-रोडिंग क्षमताओं के लिए जाना जाता है। 4X4 ड्राइवट्रेन और ऊंचा ग्राउंड क्लीयरेंस इसे दुर्गम रास्तों के लिए आदर्श बनाता है। यह SUV सेना की तेज़ मूवमेंट और रणनीतिक कार्यों में बड़ी भूमिका निभा रही है।
पुरानी जिप्सी की जगह लेने वाली टाटा सफारी स्टॉर्म GS800 अब भारतीय सेना के लिए नया स्टैंडर्ड बन चुकी है। इसका हरा सैन्य रंग और अपग्रेडेड इंजन इसे और भी ज्यादा शक्तिशाली बनाते हैं। आम सफारी की तुलना में यह सैन्य वर्जन अधिक पावरफुल है।
टाटा सूमो 4X4 को सेना के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया था। सीमित संख्या में निर्मित इस वाहन का उपयोग सेना ने मुख्य रूप से एम्बुलेंस और मेडिकल यूनिट के रूप में किया। इसकी ऑल-व्हील ड्राइव क्षमता और विशाल केबिन इसे विशेष बनाते हैं।
भारतीय सेना की ताकत सिर्फ हथियारों में नहीं, उनके भरोसेमंद वाहनों में भी है। ये वाहन दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने में सबसे आगे हैं और हर परिस्थिति में देश की रक्षा में योगदान दे रहे हैं।