वाहन निर्माता कंपनी हुंडई मोटर इंडिया को वित्त वर्ष 2024 की जनवरी-मार्च तिमाही में झटका लगा है। कंपनी का शुद्ध लाभ इस अवधि में चार प्रतिशत घटकर ₹1,614 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹1,677 करोड़ था। कंपनी ने मुनाफे में आई इस गिरावट का कारण घरेलू बाजार में घटती बिक्री को बताया है।
हालांकि, इस दौरान कंपनी की कुल आय बढ़कर ₹17,940 करोड़ हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹17,671 करोड़ थी। हुंडई ने जानकारी दी कि उसने इस तिमाही में घरेलू स्तर पर 1,53,550 यूनिट्स की बिक्री की, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 1,60,317 यूनिट्स थी।
वहीं, निर्यात के मोर्चे पर कंपनी को थोड़ी राहत मिली है। चौथी तिमाही में हुंडई का निर्यात बढ़कर 38,100 यूनिट्स हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 33,400 यूनिट्स था। पूरे वित्त वर्ष 2024-25 की बात करें तो कंपनी का शुद्ध लाभ 7% घटकर ₹5,640 करोड़ रह गया, जबकि एक साल पहले यह ₹6,060 करोड़ था। सालाना आय भी थोड़ी कम होकर ₹69,193 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष ₹69,829 करोड़ थी।
हुंडई ने घोषणा की है कि वह वित्त वर्ष 2024-25 से लेकर 2029-30 के बीच कुल 26 नए मॉडल लॉन्च करेगी, जिनमें 6 इलेक्ट्रिक व्हीकल्स शामिल हैं। कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए ₹21 प्रति शेयर डिविडेंड देने की सिफारिश भी की है।
हुंडई मोटर अब भारत में सबसे ज्यादा कार बेचने वाली कंपनियों में चौथे स्थान पर पहुंच गई है। इसकी बाजार हिस्सेदारी 14.9% से घटकर 12.6% हो गई है। अप्रैल में कंपनी की बिक्री घटकर 44,374 यूनिट्स रही। क्रेटा को छोड़कर कंपनी के सभी मॉडल्स की बिक्री में गिरावट देखी गई है। हालांकि, क्रेटा और उसका इलेक्ट्रिक वर्जन देश में सबसे ज्यादा बिकने वाली SUV बनी हुई है।