Tiago EV (Source. Tata) 
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10 लाख से सस्ती EV नहीं तो अधूरी रहेगी इलेक्ट्रिक क्रांति! Tata के CEO ने सरकार से कही बड़ी बात

Affordable EV: इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगाता बढ़ रही है। क्योंकि इसमें कई कमाल के फीचर्स के साथ ये पर्यावरण के लिए भी बढ़िया है, ऐसे में भारत में अगर इलेक्ट्रिक गाड़ियों को आम लोगों तक पहुंचाना है।

सिमरन सिंह

Affordable Electric Car: इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगाता बढ़ रही है। क्योंकि इसमें कई कमाल के फीचर्स के साथ ये पर्यावरण के लिए भी बढ़िया है, ऐसे में भारत में अगर इलेक्ट्रिक गाड़ियों को आम लोगों तक पहुंचाना है, तो सबसे पहले उनकी कीमत किफायती बनानी होगी। यही साफ संदेश दिया है टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO शैलेश चंद्रा ने। उनका कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को मेनस्ट्रीम बनाने के लिए सरकार का मजबूत सपोर्ट जरूरी है, खासतौर पर उन इलेक्ट्रिक कारों के लिए जिनकी कीमत 10 लाख रुपये से कम हो।

उनके मुताबिक, भारत में कार खरीदने वाले आधे से ज्यादा ग्राहक 10 लाख रुपये से कम बजट में ही गाड़ी लेना चाहते हैं। ऐसे में अगर सस्ती इलेक्ट्रिक कारों को बढ़ावा नहीं मिला, तो EV क्रांति सिर्फ चुनिंदा लोगों तक ही सीमित रह जाएगी। टाटा मोटर्स ने पहले ही Tiago EV और Tigor EV जैसी किफायती इलेक्ट्रिक कारें लॉन्च की हैं, लेकिन कीमत को और नीचे लाना अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

400 किलोमीटर रेंज और महंगी बैटरी बन रही है बाधा

शैलेश चंद्रा ने बताया कि किसी भी इलेक्ट्रिक कार की कीमत में बैटरी का हिस्सा सबसे बड़ा होता है। कई मामलों में बैटरी की लागत ही गाड़ी की कुल कीमत का 60 से 70 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। वहीं ग्राहक यह भी उम्मीद करते हैं कि EV एक बार चार्ज करने पर कम से कम 400 किलोमीटर तक चले। इन दोनों वजहों से कंपनियों के लिए सस्ती इलेक्ट्रिक कार बनाना आसान नहीं होता। ऊपर से हालिया GST से जुड़े बदलावों ने भी एंट्री-लेवल EV को पेट्रोल-डीजल कारों के बराबर कीमत पर लाना और मुश्किल कर दिया है।

PM e-Drive स्कीम पर फिर से जोर

टाटा पैसेंजर व्हीकल्स के CEO ने केंद्र सरकार से अपील की है कि फ्लीट सेगमेंट के लिए फिर से पर्यावरण के अनुकूल वाहनों पर इंसेंटिव शुरू किए जाएं। उनका कहना है कि भले ही फ्लीट सेगमेंट कुल पैसेंजर व्हीकल बिक्री का सिर्फ 7 से 8 प्रतिशत हो, लेकिन देश में तय किए जाने वाले कुल पैसेंजर किलोमीटर में इसका योगदान करीब 35 प्रतिशत है। PM e-Drive स्कीम से पहले फ्लीट EVs को प्रति kWh 10,000 रुपये तक की सब्सिडी मिलती थी, जिसकी अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये थी। इन इंसेंटिव्स के हटने से EV की किफायत पर सीधा असर पड़ा है।

Tata Punch बनी ग्रोथ की रीढ़

2025 में भारतीय पैसेंजर व्हीकल मार्केट ने मिला-जुला प्रदर्शन किया। साल के शुरुआती महीनों में दबाव रहा, लेकिन सितंबर के बाद GST में कटौती से मांग में तेजी आई। इस दौरान टाटा मोटर्स ने मजबूत प्रदर्शन किया और दिसंबर तिमाही में देश की दूसरी सबसे बड़ी कार कंपनी बन गई।

इस ग्रोथ में Tata Punch माइक्रो-SUV की अहम भूमिका रही है। 5.59 लाख से 9.29 लाख रुपये की कीमत वाली Punch अब कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ियों में शामिल है। 2024 में इसकी 2 लाख से ज्यादा यूनिट्स बिकीं, जबकि 2025 में करीब 1.7 लाख यूनिट्स की बिक्री हुई। Punch का इलेक्ट्रिक वर्जन भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जो दिखाता है कि सही कीमत और सरकारी सपोर्ट मिले तो भारतीय ग्राहक EV को खुले दिल से अपनाने को तैयार हैं।

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