नवभारत ऑटोमोबाइल डेस्क: आजकल कई लोग अपनी कार को आकर्षक बनाने के लिए मॉडिफिकेशन करवाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में वाहन मॉडिफिकेशन को लेकर बेहद सख्त नियम हैं? अगर आप भी अपनी गाड़ी में कोई बदलाव करने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए, क्योंकि बिना आरटीओ की अनुमति के कार मॉडिफाई करना गैरकानूनी है और आपको भारी जुर्माना या सजा का सामना करना पड़ सकता है।
मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के सेक्शन 52 के अनुसार, कोई भी वाहन मालिक अपनी गाड़ी में ऐसा कोई भी बदलाव नहीं कर सकता, जो आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) पर दर्ज जानकारी से मेल न खाता हो। अगर किसी ने ऐसा किया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
1. कार का रंग बदलना
अगर कोई व्यक्ति अपनी गाड़ी के पेंट या रंग को बदलता है, तो उसे पहले आरटीओ को सूचित करना अनिवार्य होता है। आरटीओ के अप्रूवल के बिना गाड़ी के रंग में बदलाव करने पर भारी जुर्माना लग सकता है।
2. फैंसी नंबर प्लेट लगवाना
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना भारत में अनिवार्य है, लेकिन कई लोग डिजाइनर या फैंसी नंबर प्लेट का इस्तेमाल करते हैं। यह गैरकानूनी है और अगर आपकी गाड़ी पर ऐसी नंबर प्लेट लगी मिली, तो तुरंत चालान कट सकता है।
3. चौड़े टायर लगवाना
कुछ लोग अपनी कार को स्पोर्टी लुक देने के लिए चौड़े टायर लगवा लेते हैं, लेकिन यह भी अवैध है। अगर आरसी में दर्ज टायर स्पेसिफिकेशन से अलग कोई टायर लगाया जाता है, तो आरटीओ कार्रवाई कर सकता है और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान काटा जा सकता है।
4. मॉडिफाइड साइलेंसर लगवाना
ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने लाउड साइलेंसर और मॉडिफाइड एक्जॉस्ट सिस्टम को प्रतिबंधित किया है। अगर आप अपनी बाइक या कार में जोरदार आवाज वाला साइलेंसर लगवाते हैं, तो आपकी गाड़ी जब्त भी हो सकती है और आप पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।