Car Engine को सही करने के लिए क्या करना चाहिए। (सौ. Freepik)
नवभारत ऑटोमोबाइल डेस्क: गाड़ी का इंजन उसकी जान होता है। अगर इसमें कोई खराबी आती है, तो गाड़ी चलाना मुश्किल हो जाता है। इंजन ठीक करवाने में होने वाला खर्च और मैकेनिक द्वारा दी गई जानकारी को लेकर अक्सर गाड़ी मालिक परेशान रहते हैं। ऐसे में आपको यह जानना जरूरी है कि इंजन की समस्या में क्या कदम उठाएं।
इंजन में क्या होता है?
इंजन के दो मुख्य हिस्से होते हैं:
- इंजन ब्लॉक: इसमें पिस्टन, क्रैंकशाफ्ट, और कनेक्टिंग रॉड शामिल हैं, जो आंतरिक गर्मी के कारण चलते हैं।
- सिलेंडर हेड: इसमें स्पार्क प्लग, इनटेक और एग्जॉस्ट वाल्व होते हैं। सिलेंडर हेड वह जगह है, जहां सबसे ज्यादा गर्मी पैदा होती है।
अगर मैकेनिक कहे कि इंजन में समस्या है, तो उससे साफ पूछें कि खराबी ब्लॉक में है या हेड में।
इंजन की मरम्मत कब करवाएं?
छोटी मरम्मत:
यदि इंजन ब्लॉक या सिलेंडर हेड में दरार है, तो इसे वेल्डिंग या कोल्ड-स्टिच की मदद से ठीक किया जा सकता है।
- खर्च: ₹8,000 से ₹10,000।
- कब करवाएं? जब गाड़ी कुछ ही साल चलानी हो।
- नुकसान: वेल्डिंग से इंजन कमजोर हो सकता है और जल्दी खराब होने का खतरा रहता है।
इंजन ओवरहाल कब करवाएं?
अगर गाड़ी लंबे समय तक चलानी है, तो इंजन ओवरहाल करवाना बेहतर है।
- इसमें इंजन को पूरी तरह से खोलकर हर पार्ट को साफ और ठीक किया जाता है।
- खर्च: ₹1.5 लाख से ₹2 लाख।
- फायदा: गाड़ी कई सालों तक नई जैसी चलेगी।
नया इंजन कब लगवाएं?
- अगर गाड़ी बिल्कुल नई चाहिए, तो नया इंजन लगवाएं।
- खर्च: ₹6 लाख से ₹7 लाख (इंजन की क्षमता के आधार पर)।
- यह विकल्प महंगा है लेकिन गाड़ी को पूरी तरह नई बना सकता है।
नई कार खरीदने का विकल्प
यदि इंजन बदलने की लागत बहुत अधिक हो, तो गाड़ी की स्थिति देखकर नई कार खरीदने का फैसला करें। पुरानी गाड़ी को एक्सचेंज करके नई कार लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।