Grah Gochar 20 To 26 September 2026: 20 से 26 सितंबर 2026 तक का सप्ताह ग्रह गोचर और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस दौरान बुध कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं गुरु कर्क राशि, सूर्य और बुध कन्या राशि, मंगल कर्क राशि तथा शुक्र तुला राशि में स्थित रहेंगे।
वक्री शनि मीन राशि, राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में रहेंगे। चंद्रमा धनु, मकर, कुंभ और मीन राशि में संचरण करेगा। ग्रहों की इन स्थितियों का प्रभाव ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार बाजार की गतिविधियों पर भी देखने को मिल सकता है।
सप्ताह के दौरान सूर्य कन्या राशि में, मंगल कर्क राशि में और गुरु कर्क राशि में रहेंगे। शुक्र तुला राशि में स्थित रहेंगे, जबकि शनि मीन राशि में वक्री अवस्था में संचरण करेंगे। राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में रहेंगे।
26 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 38 मिनट से बुध कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं चंद्रमा सप्ताह के दौरान धनु, मकर, कुंभ और मीन राशियों से होकर गुजरेगा।
20 सितंबर को गुरु के अश्लेषा नक्षत्र में रहने के प्रभाव से ज्योतिषीय गणना के अनुसार बाजार में अचानक तेजी आने के संकेत हैं। इस दौरान घी, तेल, रूई, कपास, सोना, चांदी, गुड़, खांड, चीनी और तिलहन बाजार में तेजी का लाभ मिलने की संभावना जताई गई है।
बाजार में अचानक होने वाले उतार-चढ़ाव को देखते हुए कारोबारियों को परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने की सलाह दी जाती है।
22 सितंबर को बुध के तुला राशि में प्रभाव के कारण ज्योतिषीय गणना के अनुसार गुड़, खांड, सोना और रूई में तेजी आने के संकेत हैं। वहीं चांदी, अलसी, सरसों, बिनौला और मूंगफली में मंदी का रुख रहने की संभावना जताई गई है।
26 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 38 मिनट से बुध कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में गोचर करेंगे। बुध को व्यापार, वाणी, बुद्धि और संचार का कारक ग्रह माना जाता है। तुला राशि में बुध का प्रवेश व्यापारिक गतिविधियों और कारोबारी निर्णयों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
20 सितंबर, रविवार: अदुःख नवमी का पर्व रहेगा।
21 सितंबर, सोमवार: दशावतार व्रत और धूप दशमी रहेगी।
22 सितंबर, मंगलवार: डोल ग्यारस, पद्मा एकादशी व्रत, जल झूलनी एकादशी और वामन द्वादशी मनाई जाएगी।
24 सितंबर, गुरुवार: प्रदोष व्रत रहेगा।
25 सितंबर, शुक्रवार: अनंत चतुर्दशी व्रत के साथ श्री गणेश विसर्जन होगा।
26 सितंबर, शनिवार: स्नान-दान व्रत पूर्णिमा रहेगी। इसी दिन महालय का प्रारंभ होगा।
20 से 26 सितंबर के बीच गुरु और बुध से जुड़े ग्रह प्रभाव बाजार की गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे। ज्योतिषीय गणना के अनुसार सप्ताह के अलग-अलग दिनों में कई प्रमुख वस्तुओं में तेजी और मंदी के संकेत हैं। ऐसे में व्यापार और निवेश से जुड़े लोगों को बाजार की स्थिति को ध्यान में रखकर ही आर्थिक निर्णय लेने चाहिए।
कुल मिलाकर 20 से 26 सितंबर 2026 का सप्ताह ग्रह गोचर, बाजार की गतिविधियों और धार्मिक पर्वों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाला है। गुरु के अश्लेषा नक्षत्र का प्रभाव और 26 सितंबर को बुध का तुला राशि में गोचर इस सप्ताह के प्रमुख ज्योतिषीय घटनाक्रम रहेंगे।