उत्तरकाशी: जिले में निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग (Silkyara Tunnel) का एक हिस्सा धंस जाने से 10 दिन से अधिक समय से अंदर फंसे 41 श्रमिकों के लिए बाहर निकलने का रास्ता तैयार करने के वास्ते अमेरिकी ऑगर मशीन की मदद से ड्रिलिंग देर रात फिर से शुरू की गई। घटना स्थल पर एंबुलेंस भी तैनात की गई है।
अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि अब तक मलबे में 32 मीटर अंदर तक स्टील के पाइप डाले जा चुके हैं। शुक्रवार को ऑगर मशीन से ड्रिलिंग की जा रही थी लेकिन मशीन के एक कठोर वस्तु से टकरा जाने के बाद ड्रिलिंग रोक दी गई थी। ऑगर मशीन से ड्रिलिंग फिर से शुरू होने से बचाव प्रयासों में तेजी आने की संभावना है।
आज बुधवार को ऑगर मशीन की ड्रिलिंग में सफलता मिली और मशीन के सामने रुकावट नहीं आई तो जल्द ही सब ठीक हो जाएगा। अब तक ऑगर मशीन से 27 मीटर ड्रिलिंग करके 800 एमएम का पाइप टनल में डाला जा चुका है।
उत्तरकाशी जिले में चारधाम यात्रा मार्ग पर निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग का एक हिस्सा 12 नवंबर को ढह गया था जिससे मलबे के दूसरी ओर श्रमिक फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है।