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13 बार नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप में जीत हासिल कर बनाया रिकॉर्ड

दिपक.पांडे

नई दिल्ली. ज्वाला गुट्टा (Jwala Gutta) एक भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी (Indian Badminton Player) हैं। उन्होंने मिश्रित और महिला युगल दोनों में अंतरराष्ट्रीय आयोजनों (Internal Events) में भारत (India) का प्रतिनिधित्व किया। गुट्टा ने 2009 सुपरसीरीज मास्टर्स फाइनल में रजत और 2011 विश्व चैंपियनशिप में कांस्य सहित बीडब्ल्यूएफ सर्किट पर कई टूर्नामेंट में पदक जीते हैं।

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी  ज्वाला गुट्टा (Jwala Gutta) इस बार अपना 38वां जन्मदिन मनाएंगी। इनका जन्म 7 सितंबर 1983, दिन बुधवार को वर्धा (Wardha), महाराष्ट्र (Maharashtra) में हुआ था। ज्वाला के पिता एम. क्रांति तेलुगु और मां येलन चीन से हैं। ज्वाला गुट्टा ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई हैदराबाद (Hyderabad) से की थी और वहीं से उन्होंने बैडमिंटन (Badminton) खेलना भी शुरू किया था। बाएं हाथ से तेज-तर्रार शॉट लगाने वाली ज्वाला गुट्टा छोटी उम्र में ही बैडमिंटन खेल जगत में अपना स्थान बना ली थी।

छोटी उम्र में ही नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप की विजेता

ज्वाला गुट्टा पहली बार 13 साल की उम्र में मिनी नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप में जीत हासिल की थी। वहीं साल 2000 में ज्वाला गुट्टा ने 17 साल की उम्र में जूनियर नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप की विजेता रही। इसी साल गुट्टा श्रुति कुरियन के साथ डबल्स में जोड़ी बनाते हुए महिलाओं के डबल्स जूनियर नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप और सीनियर नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप में जीत हासिल की। श्रुति कुरियन के साथ उनकी जोड़ी काफी लंबे समय तक रही। महिला डबल्स के साथ-साथ ज्वाला गुट्टा ने मिश्रित डबल्स में भी जीत हासिल की और भारत की डबल्स में सबसे बेहतरीन खिलाड़ी बनीं।

लगातार 7 बार जीत हासिल की

साल 2002 से 2008 तक लगातार सात बार ज्वाला गुट्टा ने महिलाओं के नेशनल युगल प्रतियोगिता में विजय का झंडा लहराया। साल 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स में भी ज्वाला गुट्टा ने अपने पार्टनर अश्विनी पोनप्पा के साथ भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। इस खेल के बाद एक बार फिर ज्वाला गुट्टा भारतीय बैडमिंटन खेल जगत में चर्चित हो गयी। 

उपलब्धियां

भारत की सर्वश्रेष्ठ युगल खिलाड़ी। साल 2011 में ज्वाला गुट्टा को “अर्जुन पुरस्कार” सम्मान से नवाजा गया था। साल 2014 में ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में ज्वाला गुट्टा स्वर्ण पदक से सम्मानित की गयी थी।

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