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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: महिलाओं के डर से ऐसे भागा था रूस का सम्राट ज़ार

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का उद्देश्य उन सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर ध्यान देना है जिनका सामना महिलाओं को आए दिन करना पड़ता हैं, साथ ही उपरोक्त क्षेत्रों में महिलाओं की उन्नति पर

रितू त्रिपाठी

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का उद्देश्य उन सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर ध्यान देना है जिनका सामना महिलाओं को आए दिन करना पड़ता हैं, साथ ही उपरोक्त क्षेत्रों में महिलाओं की उन्नति पर भी ध्यान देना हैं। इसके माध्यम से हम महिलाओं को आगे बढ़ने में मदद कर सकते हैं और दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं को दी जाने वाली असीम संभावनाओं को हासिल कर सकते हैं। यह दिन उन सभी महिलाओं के लिए भी एक स्तुति है जिन्होंने नारी जगत के सशक्तिकरण में अपना योगदान आगे बढ़ कर दिया था और दे रही है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पहली बार 19 मार्च 1911 को मनाया गया था। पहले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला अधिकारों के समर्थन में एक लाख महिलाओं और पुरुषों ने रैली निकाली थी। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की प्रेरणा अमेरिका द्वारा 28 फरवरी को मनाएं जाने वाले राष्ट्रीय महिला दिवस से सन 1909 में ली गई थी। उस समय इस बात की घोषणा सोशलिस्ट पार्टी ऑफ अमेरिका द्वारा हुई।

अगले वर्ष डेनमार्क में जब सोशलिस्ट इंटरनेशनल पार्टी की बैठक हुई तब प्रतिनिधियों ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के विचार को मंजूरी दे दी। और ठीक उसी के अगले साल यानी सन 1911 से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाने लगा। पहला अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस या जैसा कि पहले कहा जाता था, अंतरराष्ट्रीय कामकाजी महिला दिवस- डेनमार्क, जर्मनी, स्विट्ज़रलैंड और ऑस्ट्रिया में रैलियों के साथ मनाया गया। समारोह में अक्सर मार्च और अन्य प्रदर्शन शामिल होते थे।

प्रथम अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को एक हफ्ते भी पूरे न हुए और एक ऐसा हादसा हुआ जिसने सबको हिला दिया। न्यूयॉर्क शहर में ट्रायंगल शर्टवास्ट फैक्ट्री फायर ने 146 लोगों की जान ले ली, जिनमें ज्यादातर युवा अप्रवासी महिलाएं शामिल थीं। उस घटना ने औद्योगिक कामकाजी परिस्थितियों में कई बदलावों को प्रेरित किया।

विशेष रूप से शुरुआती वर्षों में, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कामकाजी महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा था।

  • फरवरी 1913 में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस रूसी कायदों के साथ मनाया गया।
  • 1914 में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान, 8 मार्च को युद्ध के खिलाफ और एकजुटता व्यक्त करने के लिए महिलाओं ने रैलियां निकाली थी।
  • वेस्टर्न कैलेंडर के अनुसार, 1917 में 23 फरवरी से 8 मार्च तक रूसी महिलाओं ने हड़ताल की जिससे रूस में एक बड़ा बदलाव आया और रूस के सम्राट ज़ार की पदवी उनसे छिन गई थी।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की छुट्टी विशेष रूप से पूर्वी यूरोप और सोवियत संघ में कई वर्षों से लोकप्रिय थी। धीरे-धीरे, यह वास्तव में एक अंतरराष्ट्रीय उत्सव बन गया। संयुक्त राष्ट्र ने 1975 में अंतरराष्ट्रीय महिला वर्ष मनाया और वर्ष 1977 के बाद संयुक्त राष्ट्र ने आधिकारिक तौर पर महिलाओं के अधिकारों को वार्षिक सम्मान देने का फैसला किया और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाने लगे। 2011 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की 100 वीं वर्षगांठ के पर दुनिया भर में कई समारोह हुए। 2017 में संयुक्त राज्य अमेरिका की कई महिलाओं ने एक दिवसीय अवकाश लेकर "Day Without Women" के रूप में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया।

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