क्यों 26 सितंबर को मनाया जाएगा विश्व गर्भनिरोधक दिवस, जानें इस दिन का इतिहास और महत्व

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दुनिया भर में आज 26 सितंबर के दिन हर साल  विश्व गर्भनिरोधक दिवस (World Contraception Day ) मनाया जाता है। भारत के अलावा कई देशों में लोगों में गर्भनिरोधक के बारे में जागरूकता लाने के लिए समय-समय पर जानकारी दी जाती है।  इस दिवस को मनाने की शुरुआत 26 सितंबर 2007 से हुई थी।  विश्व गर्भनिरोधक दिवस को मनाने का उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी को यौन जागरूकता की जानकारी देना। लोगों को समय-समय पर कार्यक्रम कर जानकारी देना। युवा पीढ़ी को  गर्भ निरोधक के उपायों के बारे में बताना। इस कार्यक्रम में लोगों गर्भ धारण के बचाव के बारे में बताया जाता है।  

भारत में डबल्यूसीडी इसके लिए काम करती है जो प्रजनन तथा यौन स्वास्थ्य के क्षेत्र में कुछ एनजीओ और अस्पतालों की मदद से काम करती है। शहरों ही नहीं गांवों तक लोगों को इसके बारे में जानकारी दी जाती है।

डबल्यूसीडी रिपोर्ट के मुताबिक महिला एवं बाल विकास मंत्रालय आकड़ों के अनुसार, भारत के 21 राज्यों में 94.5 फीसदी विवाहित महिलाओं को गर्भ निरोधक के उपायों और उसके इस्तेमाल के बारे में जानकारी है। लेकिन जानकारी होने के बावजूद सिर्फ 50% महिलाएं ही इन उपायों का इस्तेमाल कर रही है और 44% महिलाएं है जो विवाहित है और उन्हें इसके बारे में पता है। लेकिन फिर भी यह महिलाएं इन उपायों को नहीं अपनाती है। 

इस राज्य में महिलाएं सबसे कम इस्तेमाल करती हैं 

गर्भ निरोधक एक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल और जम्मू कश्मीर में रहने वाली महिलाओं की बात करें तो वहां पहल क्रमश 95 फीसदी और 83 फीसदी महिलाओं को इसके बारे में जानकारी है। लेकिन जो इसका इस्तेमाल नहीं करती हैं वो 67 फीसदी और 27 फीसदी हैं। जबकि जम्मू-कश्मीर में सबसे कम महिलाएं गर्भ निरोधक इस्तेमाल करती हैं और नसबंदी में बराबरी की हिस्सेदारी है। ऐसे में ये आंकड़े चौंकाने वाले हैं।

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