चीन को 'ड्रैगन' क्यों कहा जाता है? जानिए इसके पीछे की दिलचस्प कहानी

Why Is China Called The Dragon: चीन को ड्रैगन क्यों कहा जाता है? यह सिर्फ नाम नहीं, बल्कि एकता और सौभाग्य का प्रतीक है। जानिए चीनी संस्कृति और इतिहास में ड्रैगन का असली मतलब और कैसे पड़ा यह अनोखा नाम।
Why is China Called the Dragon Know the Fascinating Story Behind It
चीन (ड्रैगन) (सोर्स-AI)
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आपने अक्सर सुना होगा कि चीन को 'ड्रैगन' कहकर बुलाया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों है? आइए आज इस दिलचस्प कहानी के बारे में जानते हैं।
आपने अक्सर सुना होगा कि चीन को 'ड्रैगन' कहकर बुलाया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों है? आइए आज इस दिलचस्प कहानी के बारे में जानते हैं।
असल में 'ड्रैगन' चीन का कोई ऑफिशियल नाम नहीं है, बल्कि यह उनकी पुरानी संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ एक प्रतीक है। वहां के लोग सदियों से खुद को ड्रैगन की संतान भी मानते आए हैं।
असल में 'ड्रैगन' चीन का कोई ऑफिशियल नाम नहीं है, बल्कि यह उनकी पुरानी संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ एक प्रतीक है। वहां के लोग सदियों से खुद को ड्रैगन की संतान भी मानते आए हैं।
पश्चिम देशों में ड्रैगन को तबाही मचाने वाले और डरावने जीव के तौर पर देखा जाता है। लेकिन चीन में ऐसा बिल्कुल नहीं है, वहां इसे काफी पॉजिटिव और पूजनीय माना जाता है।
पश्चिम देशों में ड्रैगन को तबाही मचाने वाले और डरावने जीव के तौर पर देखा जाता है। लेकिन चीन में ऐसा बिल्कुल नहीं है, वहां इसे काफी पॉजिटिव और पूजनीय माना जाता है।
चीनी सभ्यता में ड्रैगन डर का नहीं, बल्कि एकता, समृद्धि और दैवीय ताकत का एक बहुत शक्तिशाली प्रतीक माना गया है। वहां के लोग इसे ज्ञान, सुरक्षा और सौभाग्य से जोड़कर देखते हैं।
चीनी सभ्यता में ड्रैगन डर का नहीं, बल्कि एकता, समृद्धि और दैवीय ताकत का एक बहुत शक्तिशाली प्रतीक माना गया है। वहां के लोग इसे ज्ञान, सुरक्षा और सौभाग्य से जोड़कर देखते हैं।
ड्रैगन के निशान की शुरुआत का श्रेय प्राचीन सम्राट 'हुआंग डी' को जाता है। उन्होंने ही अलग-अलग कबीलों को एकजुट करके उनके निशानों को मिलाकर एक नया और खास निशान बनाया था।
ड्रैगन के निशान की शुरुआत का श्रेय प्राचीन सम्राट 'हुआंग डी' को जाता है। उन्होंने ही अलग-अलग कबीलों को एकजुट करके उनके निशानों को मिलाकर एक नया और खास निशान बनाया था।
कबीलों को एकजुट करने के लिए बनाया गया ये एकीकृत निशान समय के साथ ड्रैगन के रूप में बदल गया। इसी वजह से प्राचीन चीन में ड्रैगन राजा-महाराजाओं से बहुत गहराई से जुड़ा हुआ था।
कबीलों को एकजुट करने के लिए बनाया गया ये एकीकृत निशान समय के साथ ड्रैगन के रूप में बदल गया। इसी वजह से प्राचीन चीन में ड्रैगन राजा-महाराजाओं से बहुत गहराई से जुड़ा हुआ था।
पुराने समय में चीन के सम्राट खुद को भगवान का रूप यानी दैवीय शासक मानते थे। इसलिए राजाओं की शाही पोशाकों और बड़े-बड़े महलों पर ड्रैगन के निशान दिखाई देते थे।
पुराने समय में चीन के सम्राट खुद को भगवान का रूप यानी दैवीय शासक मानते थे। इसलिए राजाओं की शाही पोशाकों और बड़े-बड़े महलों पर ड्रैगन के निशान दिखाई देते थे।
क्या आपको पता है कि ड्रैगन जैसी प्रतीकात्मक पहचान पाने वाला चीन अकेला देश नहीं है? दुनिया के और भी कई देशों को ऐसे खास और अलग नाम मिले हुए हैं।
क्या आपको पता है कि ड्रैगन जैसी प्रतीकात्मक पहचान पाने वाला चीन अकेला देश नहीं है? दुनिया के और भी कई देशों को ऐसे खास और अलग नाम मिले हुए हैं।
उदाहरण के लिए, हमारे देश भारत को ऐतिहासिक रूप से 'हाथी' कहकर भी पहचाना जाता है। वहीं पड़ोसी देश भूटान को 'थंडर ड्रैगन की भूमि' कहा जाता है।
उदाहरण के लिए, हमारे देश भारत को ऐतिहासिक रूप से 'हाथी' कहकर भी पहचाना जाता है। वहीं पड़ोसी देश भूटान को 'थंडर ड्रैगन की भूमि' कहा जाता है।
इसी तरह जापान को 'उगते सूरज की भूमि' के नाम से जाना जाता है। ये नाम भले ही आधिकारिक न हों, लेकिन ये दुनिया भर में उस देश की एक खास पहचान बनाते हैं।
इसी तरह जापान को 'उगते सूरज की भूमि' के नाम से जाना जाता है। ये नाम भले ही आधिकारिक न हों, लेकिन ये दुनिया भर में उस देश की एक खास पहचान बनाते हैं।

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