

Donald Trump India Statement: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया कि रूसी तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे नाराज हैं। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका द्वारा लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क के बाद भारत पर कुल टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि भारत द्वारा ऑर्डर किए गए 68 अपाचे हेलीकॉप्टर पिछले पाँच वर्षों से अटके हुए हैं, जिसकी शिकायत खुद पीएम मोदी ने उनसे मुलाकात में की थी।
इन दावों की जब सरकारी स्तर पर जांच की गई तो तस्वीर अलग ही सामने आई। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, भारत ने अमेरिका से कुल 28 अपाचे हेलीकॉप्टर खरीदे हैं, न कि 68। इनमें से 22 हेलीकॉप्टर भारतीय वायुसेना के लिए थे जो पहले ही भारत को मिल चुके हैं, जबकि 6 हेलीकॉप्टर थलसेना के लिए हैं। इन शेष 6 हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की व्हाइट हाउस यात्रा के दौरान चर्चा का विषय रही थी।
ट्रंप के लगातार बयानों के बावजूद भारत सरकार ने सार्वजनिक रूप से कोई तीखी प्रतिक्रिया नहीं दी है। इसकी मुख्य वजह भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता है। दोनों देश इस समय टैरिफ कम करने और रूसी तेल से जुड़ी पेनल्टी हटाने जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत कर रहे हैं।
कूटनीतिक हलकों का मानना है कि ट्रंप के हर बयान का तुरंत जवाब देना भारत के हित में नहीं होग क्योंकि इससे बातचीत पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि व्यापार समझौते के जरिए भारतीय निर्यातकों को किसी तरह का नुकसान न हो। ऐसे में यह खामोशी कमजोरी नहीं, बल्कि एक सोच-समझी रणनीतिक नीति मानी जा रही है।
इस मुद्दे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सीधे तौर पर प्रतिक्रिया देने से परहेज किया, लेकिन लक्ज़मबर्ग में दिए गए अपने बयान में उन्होंने इशारों में कहा कि दुनिया में कई लोग दूर बैठकर मुफ्त की सलाह देते रहते हैं। उनका कहना था कि आज के दौर में देश ज्यादा व्यावहारिक हो चुके हैं और वैश्विक वास्तविकताओं को समझते हुए आगे बढ़ना ज़रूरी है।