

वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन (Jo Biden) और प्रथम महिला जिल बाइडन (Jill Biden) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का व्हाइट हाउस (White House) में स्वागत किया। इस विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल भी मौजूद रहे। पीएम मोदी ने स्वागत के लिए जो बाइडन और जिल बाइडन का आभार जताया। उन्होंने इसे भारत के 140 करोड़ देशवासियों का सम्मान और गौरव बताया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "आज व्हाइट हाउस में शानदार स्वागत समारोह से एक प्रकार से भारत के 140 करोड़ देशवासियों का सम्मान और गौरव है। ये सम्मान अमेरिका में रहने वाले 4 मिलियन से अधिक भारतीय लोगों का भी सम्मान है।" पीएम मोदी ने अपने संबोधन में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों का उल्लेख करते हुए कहा, "पीएम बनने के बाद मैं कई बार व्हाइट हाउस गया हूं। यह पहली बार है जब व्हाइट हाउस के दरवाजे इतनी बड़ी संख्या में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए खोले गए हैं।" उन्होंने कहा, "भारतीय समुदाय के लोग अपने टैलेंट से अमेरिका में भारत की शान बढ़ा रहे हैं। आप सब हमारे संबंधों की असली ताकत हैं।"
पीएम मोदी ने कहा, "पोस्ट कोविड काल में विश्व व्यवस्था एक नया आकार ले रहा है। इस कालखंड में भारत और अमेरिका की दोस्ती पूरी दुनिया की ताकत को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी। दोनों देश वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धता के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" उन्होंने कहा, "अब से कुछ ही देर में मैं और अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन भारत और अमेरिका संबंधों, क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। मुझे यकीन है कि हमेशा की तरह हमारी बातचीत सकारात्मक रहेगी।"
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा, "प्रधानमंत्री आपका फिर से स्वागत है। मैंने हमेशा विश्वास किया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच यह रिश्ता 21वीं सदी के सबसे अहम संबंधों से एक है। हमारे संविधान के पहले शब्द यही है कि हम, देश के नागरिक, हमारे लोगों के बीच स्थाई संबंध और साझे मूल्य और वर्तमान के मुद्दों से निपटने के लिए वैश्विक नेताओं के रूप में हमारी साझी ज़िम्मेदारी है।"
बाइडन ने कहा, "मैं सम्मानित हूं कि लगभग 15 वर्षों में पहली बार संयुक्त राज्य अमेरिका भारत गणराज्य के लिए एक आधिकारिक राजकीय यात्रा की मेज़बानी कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी आपका व्हाइट हाउस में स्वागत है।" उन्होंने कहा, "आपके सहयोग से, हमने स्वतंत्र, खुले, सुरक्षित और समृद्ध इंडो-पैसिफिक के लिए क्वाड को मजबूत किया है। अब से दशकों बाद, लोग पीछे मुड़कर देखेंगे और कहेंगे कि क्वाड ने वैश्विक भलाई के लिए इतिहास की दिशा को मोड़ दिया। क़ानून के तहत समानता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, धार्मिक बहुलवाद, हमारे लोगों की विविधता यह मूल्य सिद्धांत दृढ हैं और विकसित हुए हैं।"