Venezuela Oil: रूस के बाद वेनेजुएला पर अमेरिकी बैन, तेल सप्लाई ठप, भारत पर क्या होगा असर?

US Venezuela Ban: अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल निर्यात पर प्रतिबंध लगाए और एक टैंकर जब्त किया। इससे वेनेजुएला की सप्लाई ठप हो गई। भारत पर इसका असर कम होगा, क्योंकि भारत ने पहले ही आयात कम कर दिया है।
US Venezuela Ban
अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल निर्यात पर लगाए प्रतिबंध (सोर्स- सोशल मीडिया)
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India Venezuela oil effect: अमेरिका ने रूस के बाद अब वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर दबाव बढ़ाने के लिए उसके तेल निर्यात पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। इस कार्रवाई के तहत अमेरिका ने एक वेनेजुएला के तेल टैंकर को जब्त कर लिया और व्यापार करने वाली शिपिंग कंपनियों पर भी नकेल कसी है। इस प्रतिबंध के कारण वेनेजुएला के पानी में 11 मिलियन बैरल तेल से लदे कई टैंकर फंसे हुए हैं। हालांकि, भारत पर इस प्रतिबंध का असर बहुत ज्यादा नहीं पड़ेगा, क्योंकि उसने पहले ही वेनेजुएला से तेल आयात लगभग बंद कर दिया है।

वेनेजुएला के टैंकरों की जब्ती और सप्लाई में गिरावट

अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल निर्यात पर नए प्रतिबंध लगाकर उसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाया है। इस सप्ताह स्किपर (Skipper) नामक एक तेल टैंकर को जब्त किया गया, जो 2019 में प्रतिबंध लगने के बाद वेनेजुएला के तेल कार्गो की अमेरिका द्वारा की गई यह पहली जब्ती थी। अल जजीरा के अनुसार, इस कार्रवाई और आगे की जब्ती की धमकियों के कारण वेनेजुएला के पानी में लगभग 11 मिलियन बैरल तेल और ईंधन से लदे कई टैंकर फंस गए हैं, जो आगे बढ़ने से डर रहे हैं। यह कार्रवाई कैरिबियन सागर में अमेरिकी सैन्य जमावड़े के बीच हुई है, जिसका सीधा मकसद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाना लगता है।

केवल शेवरॉन को मिली छूट

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्किपर की जब्ती के बाद केवल अमेरिकी तेल दिग्गज शेवरॉन (Chevron) द्वारा चार्टर्ड टैंकर ही वेनेजुएला के बंदरगाहों से निकल पाए हैं। शेवरॉन को वेनेजुएला में काम करने के लिए अमेरिकी सरकार से विशेष मंजूरी मिली हुई है। यह मंजूरी उसे राज्य-संचालित तेल कंपनी PDVSA के साथ संयुक्त उद्यमों के माध्यम से काम करने और अपना कच्चा तेल सीधे अमेरिका को निर्यात करने की अनुमति देती है। इस छूट से स्पष्ट है कि प्रतिबंधों का दोहरा असर है, वेनेजुएला पर दबाव बनाना, लेकिन अमेरिकी ऊर्जा हितों को बनाए रखना।

भारत पर क्यों नहीं पड़ेगा ज्यादा असर?

भारत दुनिया के कई देशों से कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें वेनेजुएला भी रूस की तरह सस्ता तेल बेचता था। हालांकि, भारत पर अमेरिकी प्रतिबंधों का असर सीमित रहेगा। पहले अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया था, जिसके बाद भारत ने रूस से तेल खरीदना तो जारी रखा, लेकिन वेनेजुएला से तेल का आयात कम कर दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत ने अब वेनेजुएला से तेल खरीदना लगभग बंद कर दिया है। इसलिए, वेनेजुएला की आपूर्ति ठप होने से भारतीय तेल बाजार या उसकी ऊर्जा सुरक्षा पर कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। भारत अब अपनी आपूर्ति अन्य स्रोतों, विशेषकर रूस और मध्य-पूर्व से, सुनिश्चित कर रहा है।

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