चीन को घेरने निकला US! फिलीपींस,जापान और फ्रांस के साथ दक्षिण चीन सागर में शुरू करेगा युद्धाभ्यास

Us Philippines Balikatan Military Drill: अमेरिका और फिलीपींस 17,000 सैनिकों के साथ 'बालिकातन' युद्धाभ्यास शुरू करने जा रहे हैं। इसका दक्षिण चीन सागर में ड्रैगन को अपनी क्षेत्रीय ताकत दिखाना है।
Preparing to 'Stand Shoulder to Shoulder' to Encircle China! US to Begin Military Exercises with Japan and France in the Philippines
'बालिकातन' युद्धाभ्यास की तैयारी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Us Philippines Balikatan Military Drill China Tension: पश्चिम एशिया में ईरान के साथ जारी भीषण तनाव के बीच, अमेरिका ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति को और अधिक मुखर करने का फैसला किया है। अमेरिका और फिलीपींस के बीच इस साल का सबसे बड़ा संयुक्त सैन्य अभ्यास 'बालिकातन' (Balikatan) 20 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। इस युद्धाभ्यास को क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता के खिलाफ एक कड़े कूटनीतिक और सामरिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

17,000 सैनिकों का महाशक्ति प्रदर्शन

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इस सैन्य अभ्यास में दोनों देशों के 17,000 से ज्यादा सैनिक हिस्सा लेंगे। 'बालिकातन' शब्द का अर्थ 'कंधे से कंधा मिलाकर' होता है, जो अमेरिका और फिलीपींस के बीच मजबूत सैन्य सहयोग को दर्शाता है। यह युद्धाभ्यास 20 अप्रैल से 8 मई तक चलेगा और मुख्य रूप से फिलीपींस के उत्तर-पश्चिमी समुद्री इलाकों में आयोजित किया जाएगा, जो विवादित दक्षिण चीन सागर के काफी करीब है।,

वैश्विक सहयोग और जहाज डुबोने का अभ्यास

इस बार का युद्धाभ्यास इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें अमेरिका और फिलीपींस के अलावा जापान, फ्रांस और कनाडा की सेनाएं भी हिस्सा ले रही हैं। अभ्यास के दौरान एक प्रमुख गतिविधि में दक्षिण चीन सागर के पास एक जहाज को मिसाइल से डुबोने का अभ्यास किया जाएगा। यह सीधे तौर पर चीन को एक मजबूत संदेश है, जो लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता रहा है। इसके अलावा, अभ्यास में आधुनिक युद्ध की चुनौतियों, जैसे ड्रोन हमलों से निपटने की तैयारी भी शामिल होगी।

चीन की चिंता और अमेरिका की प्रतिबद्धता

बता दें कि यह पहली बार नहीं है चीन ने अतीत में भी इस तरह के अभ्यासों का कड़ा विरोध यह तर्क देते हुए किया है कि इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ता है। हालांकि, अमेरिकी सेना के प्रवक्ता कर्नल रॉबर्ट बन्न ने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन अपने सहयोगियों और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

पिछले साल मनीला दौरे के दौरान अमेरिकी अधिकारियों ने फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर को भरोसा दिलाया था कि अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ मिलकर चीन की आक्रामक गतिविधियों का मुकाबला करेगा और समुद्र में आवाजाही की आजादी सुनिश्चित करेगा।

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