US Navy ने ओमान की खाड़ी में ईरानी तेल टैंकर को रोका, बदलवाया रास्ता, होर्मुज में तनाव और गहराया

US Navy Stops Iran Tanker: मध्य पूर्व में तनाव खतरनाक हो गया है। अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में एक ईरानी तेल टैंकर पर चढ़कर उसे अपने कब्जे में लिया और जांच के बाद उसका रास्ता बदलवा दिया।
US Navy: US Navy stops Iranian oil tanker in the Gulf of Oman, tensions rise in Middle East 
ईरानी जहाज (सोर्स-सोशल मीडिया)
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US Navy Stops Iran Oil Tanker: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बहुत खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। बुधवार को अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में एक ईरानी झंडे वाले तेल टैंकर पर अचानक चढ़ाई कर दी और उसकी पूरी तलाशी ली। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार यह टैंकर नौसैनिक नाकेबंदी का सीधा उल्लंघन करते हुए एक ईरानी बंदरगाह की तरफ तेजी से बढ़ रहा था। 31st मरीन एक्सपीडेशनरी यूनिट के मरीन कमांडो ने "M/T सेलेशियल सी" नाम के इस बड़े टैंकर को समुद्र में रोक लिया था।

करीब 120 मीटर लंबे इस भारी जहाज पर चढ़कर अमेरिकी सैनिकों ने अपना गहन तलाशी अभियान चलाया और फिर उसे छोड़ दिया। जहाज को तो छोड़ दिया गया लेकिन उसके क्रू को तुरंत अपना रास्ता बदलने का सख्त आदेश दिया गया था। अमेरिका का साफ कहना है कि वह होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के समुद्री इलाकों में ईरान से जुड़े जहाजों पर कड़ी नजर रख रहा है। अब तक अमेरिका द्वारा कुल 91 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला जा चुका है जो एक बहुत बड़ी सैन्य कार्रवाई है।

अमेरिका ने सैन्य हमला टालने की बात के बाद टैंकर को रोका

यह कड़ी कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका ने यह दावा किया था कि उसने ईरान पर नए सैन्य हमले रोक दिए हैं। खाड़ी देशों के खास अनुरोध के बाद अभी सैन्य कार्रवाई टाल दी गई है और बातचीत का रास्ता खुला रखा गया है। दूसरी तरफ ईरान भी किसी कीमत पर पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहा है और अपनी पूरी तैयारी कर रहा है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने यह साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका या इजरायल ने फिर से कोई नया हमला किया। तो यह भीषण जंग पूरे मध्य पूर्व से बाहर तक फैल सकती है और इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ईरान होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी सैन्य पकड़ को और ज्यादा मजबूत करने के लिए नए मकेनिज्म पर भी तेजी से काम कर रहा है।

ईरान का नया “मल्टी-लेयर क्लियरेंस सिस्टम”

तेहरान अब वहां से गुजरने वाले जहाजों के लिए "मल्टी-लेयर क्लियरेंस सिस्टम" सख्ती के साथ लागू कर रहा है। इसमें कुछ खास जहाजों से विशेष अनुमति और कथित तौर पर भारी "फीस" भी अनिवार्य रूप से ली जा रही है। अमेरिका ने सभी देशों और शिपिंग कंपनियों को चेतावनी दी है कि वे ईरान के इस नियंत्रण तंत्र को बिल्कुल न मानें।

ईरान अब केवल अपने दम पर नहीं बल्कि ओमान के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट में एक नई योजना बना रहा है। दोनों देश वहां समुद्री जहाजों के लिए "सस्टेनेबल सिक्योरिटी मैकेनिज्म" पूरी तरह से तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन ऊर्जा संकट से जूझ रहे कई देश और कंपनियां भारी जोखिम उठाकर भी नया सुरक्षित रास्ता तलाशने में लगे हैं।

तेल सप्लाई पर भारी वैश्विक संकट

होर्मुज स्ट्रेट पूरी दुनिया की सबसे अहम और बड़ी तेल सप्लाई लाइनों में से एक प्रमुख समुद्री रास्ता माना जाता है। दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई हर दिन केवल इसी खास समुद्री रास्ते से होकर गुजरती है। अमेरिका के दावे के अनुसार करीब 90 देशों के 1500 से ज्यादा व्यापारिक जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं।

फरवरी में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच कड़ा संघर्ष बढ़ने के बाद यहां जहाजों की आवाजाही लगभग पूरी तरह ठप हो गई थी। फारस की खाड़ी में जहाजों के फंसे होने के चलते दुनियाभर में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों पर दबाव बढ़ गया है। अब सारी दुनिया की नजर इसी बात पर टिकी है कि क्या होर्मुज का यह टकराव बड़े सैन्य संघर्ष में बदल जाएगा।

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