ट्रंप का 'स्पेस वॉर' दांव! अब चांद पर बनेगा अमेरिकी मिलिट्री बेस, चीन के साथ शुरू हुई आर-पार की जंग

US Moon Military Base: राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में नासा चांद पर स्थायी मिलिट्री बेस बनाने जा रहा है। 20 अरब डॉलर के इस मिशन का उद्देश्य अंतरिक्ष में अमेरिकी दबदबा कायम करना और चीन को मात देना है।
Trump's 'Space War' Gambit! US Military Base to be Established on the Moon—All-Out Battle with China Begins
चांद पर अमेरिका का महाप्लान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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US Space Force Moon Plans: दुनिया की दो महाशक्तियों अमेरिका और चीन के बीच अब प्रतिस्पर्धा धरती की सीमाओं को लांघकर अंतरिक्ष तक पहुंच गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में NASA ने एक ऐतिहासिक और रणनीतिक घोषणा करते हुए चांद की सतह पर एक स्थायी मिलिट्री बेस बनाने की योजना का अनावरण किया है।

इस परियोजना पर अमेरिका लगभग 20 अरब डॉलर (करीब 1.6 लाख करोड़ रुपये) खर्च करने की तैयारी में है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष में अमेरिका के नेतृत्व को फिर से स्थापित करना और चीन की बढ़ती अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं पर लगाम लगाना है।

सतह पर होगा कब्जा

नासा ने अपनी पुरानी कार्ययोजना में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। पहले की योजनाओं में चांद की कक्षा में एक स्टेशन बनाने पर विचार किया था लेकिन अब ट्रंप प्रशासन के निर्देश पर सीधे चांद की सतह पर बेस स्थापित करने का फैसला लिया गया है। इस सैन्य और वैज्ञानिक आधार को तैयार करने के लिए बड़े पैमाने पर रोबोटिक लैंडर्स और अत्याधुनिक ड्रोन्स की तैनाती की जाएगी। नासा का मानना है कि सतह पर आधार होने से न केवल वैज्ञानिक प्रयोगों में आसानी होगी बल्कि यह सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होगा।

चीन के साथ 'स्पेस वॉर' की आहट

अमेरिका का यह फैसला चीन द्वारा पिछले साल की गई उस घोषणा के जवाब के रूप में देखा जा रहा है जिसमें बीजिंग ने 2030 तक अपने अंतरिक्ष यात्रियों को चांद पर उतारने का लक्ष्य रखा था। चीन के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम के प्रवक्ता झांग जिंगबो ने स्पष्ट किया है कि उनकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इसके जवाब में, नासा प्रमुख जेरेड आइजैकमैन ने कहा कि अमेरिका एक बार फिर उसी 'अपोलो युग' के जज्बे के साथ काम करेगा जिसने 1960 के दशक में असंभव को संभव कर दिखाया था। ट्रंप प्रशासन का लक्ष्य अपने कार्यकाल के अंत तक चांद पर अमेरिकी उपस्थिति को एक स्थायी सैन्य ठिकाने के रूप में सुनिश्चित करना है।

एलन मस्क की बड़ी भूमिका

इस 20 बिलियन डॉलर के मिशन में निजी क्षेत्र के दिग्गजों को भी शामिल किया गया है। स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क और ब्लू ओरिजिन के संस्थापक जेफ बेजोस इस मिशन के लिए लूनर लैंडर विकसित करने का काम कर रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि 2028 तक मानवयुक्त लैंडिंग का लक्ष्य थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है लेकिन तकनीकी विकास की गति को देखते हुए इसे असंभव नहीं माना जा रहा है। इसके अतिरिक्त, नासा भविष्य के लिए मंगल ग्रह पर परमाणु ऊर्जा से चलने वाले अंतरिक्ष यान भेजने की योजना पर भी काम कर रहा है।

भविष्य का सैन्य ढांचा

आने वाले कुछ वर्षों में चांद पर ऊर्जा की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए परमाणु ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा। ट्रंप प्रशासन ने अपने पिछले कार्यकाल में ही 'स्पेस फोर्स' का गठन किया था जो सात दशकों में अमेरिका की पहली नई सैन्य शाखा थी। अब चांद पर बनने वाला यह बेस इसी दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है जो भविष्य के युद्धों और सुरक्षा के लिहाज से अंतरिक्ष को एक नया मोर्चा बना देगा।

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