US Iran War: ईरान पर ट्रंप का बड़ा प्रहार! जहां दफनाए जाएंगे खामेनेई, अमेरिका ने उड़ाए वहां के दो ब्रिज

US Iran War: ईरान और अमेरिका में तनाव चरम पर है। ईरान का दावा है कि अमेरिका ने अली खामेनेई को दफनाने से पहले मशहद जाने वाले दो रेलवे ब्रिज उड़ा दिए हैं। दोनों देशों में हालात गंभीर हैं।
US Iran War: America Attacks Mashhad Railway Bridges Ahead Of Khamenei Funeral
अमेरिका ने अली खामेनेई को दफनाने से पहले मशहद जाने वाले दो रेलवे ब्रिज उड़ा दिए (सोर्स- AI जनरेटेड)
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Escalating US Iran War Tensions: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब एक बहुत ही खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जिससे पूरे इलाके में दहशत है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने मशहद जाने वाले दो प्रमुख रेलवे पुलों को अपना निशाना बनाया है। यह भयानक हमला ठीक उस वक्त हुआ है जब दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियां जोरों पर चल रही थीं। अमेरिकी हमले का मुख्य उद्देश्य खामेनेई की अंतिम विदाई के भव्य कार्यक्रम को प्रभावित करना और उसमें भारी बाधा डालना था।

ईरानी मीडिया के अनुसार यह हमला गोलिस्तान प्रांत में स्थित आक तेकेह खान रेलवे ब्रिज पर अहले सुबह किया गया था। इराक के शहरों में अंतिम यात्रा के बाद अली खामेनेई का ताबूत मशहद पहुंच चुका है और वहां लाखों लोगों की भारी भीड़ उमड़ी है। लोगों की भारी भीड़ और सुरक्षा कारणों से मशहद एयरपोर्ट को पूरी तरह बंद कर दिया गया है और हालात बहुत ही ज्यादा तनावपूर्ण हैं। यह बड़ा हमला ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों की सेनाएं एक दूसरे पर लगातार भारी पलटवार करने के लिए पूरी तरह तैयार बैठी हैं।

हमले के बाद ईरान का पलटवार

आईआरजीसी ने अमेरिका को बहुत ही विश्वासघाती बताते हुए यह कड़ी चेतावनी दी है कि इस अमेरिकी कार्रवाई का करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से भारी जवाबी हमले किए गए हैं। अरिफजान कैंप, अली अल सलेम एयर बेस, जुफैर और शेख ईसा एयर बेस को विशेष रूप से इस बड़े हमले का निशाना बनाया गया है। संगठन ने इसे अमेरिका के खिलाफ पहला दंडात्मक चरण बताया है और कहा कि लड़ाके अमेरिकी आक्रामकता को बिल्कुल नहीं छोड़ेंगे।

अमेरिका का आधिकारिक बयान

अमेरिकी मीडिया ने एक शीर्ष अधिकारी के हवाले से दावा किया है कि उत्तरी और उत्तर-पूर्वी ईरान में इन दो रेलवे पुलों पर बड़े हमले हुए हैं। वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह स्पष्ट किया है कि उसने ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के लिए यह कड़ी कार्रवाई की है। इसके अलावा होर्मुज स्ट्रेट में ईरान द्वारा पैदा किए जा रहे खतरे को कम करने के लिए अतिरिक्त सैन्य कदम मजबूती से उठाए गए हैं। हालांकि आईआरजीसी ने माना है कि इन हमलों के बाद दो धमाकों की आवाज सुनाई दी थी लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ है।

मशहद में उमड़ी लाखों की भीड़

ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मशहद में लाखों लोग जुटे हैं। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि दरगाह के आसपास सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही को लगभग पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।

पूरे दिन शहर में शोक कार्यक्रम जारी रहेंगे और वहां चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के बेहद कड़े व पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इन ताजा घटनाओं से पूरे खाड़ी क्षेत्र में एक बड़े युद्ध के भड़कने की बहुत भारी आशंका पैदा हो गई है।

क्रूज मिसाइल से हमले का दावा

ईरानी समाचार एजेंसी मेहर ने बताया कि रेलवे पुल पर एक बड़ा प्रोजेक्टाइल गिरा, जिसके तुरंत बाद स्थानीय रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई थी। आईआरजीसी की क्षेत्रीय इकाई नयनावा कॉर्प्स ने दावा किया कि इस रेलवे पुल पर अमेरिकी क्रूज मिसाइल से यह बेहद खतरनाक हमला किया गया।

दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे इन मिसाइल हमलों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारी चिंता का माहौल बन गया है और तनाव बढ़ गया है। दुनिया भर की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि ईरान इस बड़े हमले के बाद आगे क्या कदम उठाता है।

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