

US Iran Second Round Peace Talks: मध्य पूर्व में शांति के लिए इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता का दूसरा दौर होने वाली है। हालांकि, अमेरिका और Iran के बीच इस अहम बैठक को लेकर अभी भी भारी संशय और अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लगातार मिल रही धमकियों और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी से Iran बहुत ज्यादा नाराज है। इसी नाराजगी के कारण ईरान ने फिलहाल पाकिस्तान जाने से साफ मना कर दिया है जिससे यह वैश्विक संकट और भी ज्यादा गहरा गया है।
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने डोनाल्ड ट्रंप को बहुत ही सख्त लहजे में अपना करारा जवाब दिया है। उनका कहना है कि अमेरिका इन इस्लामाबाद वार्ताओं को केवल अपने फायदे के लिए एक 'समर्पण की मेज' में बदलने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर तनाव और बढ़ता है तो Iran भी जंग के मैदान में अपने नए पत्ते खोलने के लिए पूरी तरह तैयार है।
Iran के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी अमेरिका पर सीजफायर के लगातार उल्लंघन का बहुत गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की यह अनुचित कार्रवाई दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रक्रिया को जारी रखने में सबसे बड़ी बाधा है। अराघची ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार को फोन पर बताया है कि Iran इस मसले के सभी पहलुओं पर विचार कर रहा है।
पाकिस्तानी सेना अध्यक्ष फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने डोनाल्ड ट्रंप से होर्मुज ब्लॉकेड के विषय पर बहुत गंभीर बात की है। मुनीर ने ट्रंप को साफ बताया कि अमेरिका द्वारा होर्मुज की यह नाकेबंदी शांति बातचीत के रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट है। Iran के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बाकर ने भी ट्रंप पर दबाव बढ़ाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे धमकियों के तहत कोई बातचीत स्वीकार नहीं करते।
डोनाल्ड ट्रंप इस वार्ता से एक ऐसा अहम समझौता चाहते हैं जिससे तेल की कीमतों में उछाल और शेयर बाजार में भारी गिरावट से बचा जा सके। इसके विपरीत ईरान होर्मुज पर अपने प्रभाव का उपयोग करके आर्थिक प्रतिबंधों में राहत और युद्ध को रोकने की गारंटी चाहता है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि Iran के साथ डील होने के बाद ही होर्मुज से अमेरिकी नौसेना अपनी नाकाबंदी हटाएगी।
भले ही इस अहम शांति वार्ता को लेकर भारी अनिश्चितता बनी हुई है लेकिन पाकिस्तान को अब भी इसके होने की पूरी उम्मीद है। पाकिस्तान ने इस वार्ता की मेज़बानी के लिए अपनी सभी प्रशासनिक तैयारियां बहुत तेज कर दी हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद में लगभग 20 हजार सुरक्षा कर्मियों को हर जगह तैनात कर दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 अप्रैल को दो सप्ताह के बहुत ही महत्वपूर्ण सीजफायर की औपचारिक घोषणा की थी। पाकिस्तानी सूत्र के अनुसार यह सीजफायर बुधवार रात 8 बजे पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा। इस बीच जेडी वेंस के अभी भी अमेरिका में होने से इस दूसरी दौर की वार्ता पर सस्पेंस और भी ज्यादा बढ़ गया है।