होर्मुज से लेबनान तक 'डील सफल'! US-ईरान वार्ता के पहले दौर में कई फैसलों पर बनी सहमति, क्या शांत होगी जंग?

US Iran Deal Switzerland: स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में अमेरिका और ईरान के बीच पहले दौर की उच्चस्तरीय वार्ता सकारात्मक रही है। 60 दिनों के रोडमैप पर सहमति बनी है।
'Deal successful' from Hormuz to Lebanon! Consensus reached on several decisions during the first round of US-Iran talks; will the conflict de-escalate?
डोनाल्ड ट्रंप और मसूद पेजेशकियान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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US Iran Deal Switzerland 60 Day Roadmap: स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में ईरान और अमेरिका के बीच चल रही उच्चस्तरीय शांति वार्ता के पहले दौर से महत्वपूर्ण और सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोमवार को दावा किया कि बातचीत में उल्लेखनीय प्रगति हुई है और दोनों पक्ष तकनीकी स्तर पर चर्चा जारी रखने के लिए सहमत हुए हैं।

यह वार्ता इसी महीने हस्ताक्षरित 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत आयोजित की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव को कम करना और एक स्थायी राजनीतिक समाधान तलाशना है।

पहले दौर की वार्ता के मुख्य बिंदु:

60 दिनों का व्यापक रोडमैप

दोनों देशों ने अगले दो महीनों के भीतर एक अंतिम समझौते तक पहुँचने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति (High Level Committee) का गठन किया जाएगा, जो तकनीकी टीमों को राजनीतिक दिशा देगी और बातचीत की निगरानी करेगी।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सीधी संचार व्यवस्था

अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए ईरान और अमेरिका के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक संपर्क लाइन स्थापित की जाएगी। इसका मकसद किसी भी गलतफहमी या दुर्घटना से बचना है और यह व्यवस्था फिलहाल 60 दिनों की वार्ता अवधि तक लागू रहेगी।

तकनीकी स्तर पर विशेषज्ञों का संवाद

जिन जटिल मुद्दों पर अभी पूर्ण सहमति नहीं बनी है, उन पर तकनीकी विशेषज्ञों की टीमें चर्चा जारी रखेंगी। इसमें परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों का ढांचा और विवाद समाधान जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहेंगे।

 लेबनान 'डी-कॉन्फ्लिक्शन मैकेनिज्म'

सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए, दोनों पक्षों ने लेबनान के साथ मिलकर एक नई सुरक्षा व्यवस्था बनाने पर सहमति जताई है। इस मैकेनिज्म का उद्देश्य सैन्य टकराव को रोकना और संघर्षविराम की स्थिति को बनाए रखना है।

तेल व्यापार और आर्थिक राहत के दावे

ईरानी विदेश मंत्री ने दावा किया कि तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात से जुड़े प्रतिबंधों में राहत और विदेशों में Frozen संपत्तियों तक सीमित पहुंच जैसे आर्थिक लाभों पर चर्चा हुई है। हालांकि, आधिकारिक संयुक्त बयान में इन दावों का स्पष्ट उल्लेख नहीं है और अमेरिका की ओर से अभी पुष्टि का इंतजार है।

अब्बास अराघची के अनुसार, मध्यस्थता के जरिए हुई इस प्रगति ने भविष्य की बातचीत के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है। हालांकि, अमेरिका ने अभी तक इन परिणामों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। वार्ता का अगला चरण इसी सप्ताह बर्गेनस्टॉक में ही जारी रहने की उम्मीद है।

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