

India US Trade Policy: अमेरिका में भारत और 19 अन्य देशों से आयात होने वाली दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कुछ विशेष दवाओं पर कोई इम्पोर्ट शुल्क नहीं लगाया जाएगा। अमेरिका के इस फैसले को इंटरनेशनल ट्रेड के लिए एक अहम माना जा रहा है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका कुछ खास पेटेंट वाली फार्मास्युटिकल दवाओं पर सौ प्रतिशत लेवी लगाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इन बदलावों को औपचारिक रूप देने के लिए, अमेरिकी कॉमर्स डिपार्टमेंट ने फेडरल रजिस्टर में एक आधिकारिक लिस्ट जारी की है, जिसमें उन देशों की जानकारी दी गई है जो जीरो-ड्यूटी फ्रेमवर्क के लिए योग्य हैं।
गाइडलाइंस के तहत, जिन कैटेगरीज पर छूट दी गई है, उनमें दुर्लभ बीमारियों, फर्टिलिटी ट्रीटमेंट, एडवांस्ड सेल और जीन थेरेपी, एंटीबॉडी-ड्रग कॉन्जुगेट्स और जानवरों की दवाओं के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाइयां शामिल हैं। इसके अलावा, इन ट्रीटमेंट्स को बनाने में इस्तेमाल होने वाले बुनियादी कंपोनेंट्स भी जीरो परसेंट टैरिफ प्रावधान के दायरे में आते हैं। भारत के अलावा, इस छूट का फायदा उठाने वाले क्षेत्रों में अर्जेंटीना, बांग्लादेश, कंबोडिया, इक्वाडोर, अल साल्वाडोर, यूरोपीय संघ, ग्वाटेमाला, इंडोनेशिया, जापान, जॉर्डन, मलेशिया, नॉर्थ मैसेडोनिया, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टीन, ताइवान, थाईलैंड, ब्रिटेन और वियतनाम शामिल हैं।
सरकारी नोटिस के अनुसार, इन देशों से एक्सपोर्ट होने वाले खास सामान पर जीरो परसेंट की दर लागू होती है, क्योंकि वॉशिंगटन के साथ उनका ट्रेड और सिक्योरिटी फ्रेमवर्क एग्रीमेंट एक्टिव है या जल्द ही लागू होने वाला है। यह रेगुलेटरी बदलाव सीधे तौर पर प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के अप्रैल के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें 'ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट' के सेक्शन 232 के तहत इम्पोर्ट की जाने वाली दवाओं और उनसे जुड़े केमिकल कंपोनेंट्स पर ड्यूटी में बदलाव किया गया था। अप्रैल की शुरुआती घोषणा में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के बड़े प्रयासों के तहत खास पेटेंट वाली दवाओं, बायोलॉजिक्स और उनसे जुड़े इंग्रीडिएंट्स पर 100 परसेंट ड्यूटी लगाई गई थी।
शुरुआती लिस्ट में शामिल कंपनियों के लिए ये पेनल्टी 31 जुलाई से लागू हो गई थीं, लेकिन 29 सितंबर से इसमें लिस्ट में शामिल अन्य कॉर्पोरेशन भी जुड़ जाएंगे। साथ ही, कॉमर्स डिपार्टमेंट ने कन्फर्म किया कि जेनेरिक मेडिकल प्रोडक्ट्स और उनमें इस्तेमाल होने वाले इंग्रीडिएंट्स सेक्शन 232 के तहत दवा टैरिफ से पूरी तरह छूट प्राप्त हैं। हाल के एडमिनिस्ट्रेटिव बदलावों में मूल घोषणा में जरूरी टेक्निकल संशोधन भी किए गए हैं। इन बदलावों के तहत "जेनेरिक फार्मास्युटिकल आर्टिकल्स" की परिभाषा को औपचारिक रूप से अपडेट किया गया है, जिसमें स्पष्ट रूप से बिना पेटेंट वाले जानवरों के स्वास्थ्य से जुड़े प्रोडक्ट्स को शामिल किया गया है।