

US Attack Iran Forces Destroy Maritime Surveillance Tower In Chabahar: मध्य पूर्व में एक बार फिर से भारी कूटनीतिक और सैन्य तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दावा किया है कि ईरान के चाबहार स्थित शहीद कलांतरी बंदरगाह पर बड़ा हवाई हमला किया गया है। इस कड़े और बड़े हमले में ओमान की खाड़ी में मौजूद ईरान के इस अहम निगरानी टावर को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है।
इस खास कार्रवाई का मुख्य मकसद ईरान की समुद्री निगरानी और हमलों का समन्वय करने की क्षमता को कमजोर करना है। सेंटकॉम के अनुसार, 16 जुलाई को अमेरिकी बलों ने सफलतापूर्वक इस बड़े टावर को अपना निशाना बनाया और उसे तबाह कर दिया। इससे क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को फिर से एक बहुत बड़ी राहत मिलने वाली है।
अमेरिकी पक्ष के अनुसार, यह टावर ईरान के ओमान की खाड़ी वाले तट पर फैले एक बड़े समुद्री निगरानी नेटवर्क का अहम हिस्सा था। इसका इस्तेमाल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) कई दशकों से लगातार कर रहा था। आईआरजीसी इसके जरिए होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर नजर रखकर उन्हें लगातार अपना निशाना बनाता था।
अमेरिका का कहना है कि इस टावर के पूरी तरह नष्ट होने से आईआरजीसी की ताकत काफी घटी है। अब आम नागरिक चालक दल के सदस्यों पर हमलों का समन्वय करने की उसकी क्षमता सीधे तौर पर काफी कमजोर हुई है। इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्रीय समुद्री रास्तों पर ज्यादातर जहाजों के लिए सुरक्षित और स्वतंत्र आवाजाही फिर से बनी रहेगी।
हालांकि, अमेरिका ने यह भी बहुत साफ कर दिया है कि यह सुरक्षा उन जहाजों पर बिल्कुल भी लागू नहीं होगी। जो जहाज अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ लागू की गई मौजूदा नौसैनिक नाकेबंदी का उल्लंघन करने की जरा भी कोशिश करेंगे। ऐसे जहाजों पर अमेरिकी सेना की कड़ी नजर रहेगी और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई लगातार की जाएगी।
अमेरिकी डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने भी शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस बड़े हमले की विस्तृत जानकारी दी। हेगसेथ ने अमेरिकी बलों के कड़े हमले के बाद शहीद कलांतरी बंदरगाह पर गिरते हुए निगरानी टावर का फोटो भी साझा किया। इस तस्वीर से दुनिया को अमेरिका की इस बड़ी और सफल सैन्य कार्रवाई का एक पुख्ता सबूत भी मिल गया है।
सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी सेना पिछले छह दिनों से लगातार कई अलग-अलग ईरानी ठिकानों पर कड़े हवाई हमले कर रही है। यह कार्रवाई पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक बड़ी और अहम घोषणा के ठीक बाद पूरी तरह से शुरू हुई है। ट्रंप ने अप्रैल में हुए सीजफायर को खत्म करने का ऐलान किया था, जिसके बाद से यह भारी तनाव लगातार बढ़ गया है।
इससे पहले भी अमेरिकी सेना ने अरब की खाड़ी में एक बहुत बड़ी और अहम सैन्य कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया था। सेना ने बताया था कि उन्होंने ईरानी पोर्ट की तरफ जाने की कोशिश कर रहे एक बड़े तेल टैंकर पर मिसाइलें दागीं। यह बिना माल वाला तेल टैंकर था, जिसे अमेरिकी सेना ने अपने मिसाइल हमले से पूरी तरह नाकाम कर दिया था।