'दुश्मन पायलट को जिंदा पकड़ो और...', US ने कबूला ईरान ने मार गिराया गया हमारा फाइटर जेट, 'सर्च ऑपरेशन' जारी

US Fighter Jet Shot Down: ईरान ने अमेरिकी F-35 को मार गिराने का दावा किया है, जिसकी पुष्टि US के अधिकारियों ने भी की है। लापता पायलट की तलाश के लिए दोनों देशों की सेनाओं के बीच होड़ मची है।
'Capture the enemy pilot alive and...', US admits Iran shot down its fighter jet; 'search operation' underway.
डोनाल्ड ट्रंप और मोजतबा खामेनेई, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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US Admits Iran War Fighter Jet Shot Down: मध्य-पूर्व में जारी भीषण युद्ध के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान ने शुक्रवार को दावा किया है कि उसने अमेरिका के दो शक्तिशाली फाइटर जेट्स एक F-35 और एक F-15 को मार गिराया है।

इस घटनाक्रम की गंभीरता तब और बढ़ गई जब अमेरिकी अधिकारियों ने भी स्वीकार किया कि ईरान के ऊपर उनका एक फाइटर जेट मार गिराया गया है और उसका पायलट फिलहाल लापता है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने लापता पायलट की तलाश के लिए 'सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन' शुरू कर दिया है।

पायलट पर 'कीमती इनाम' का ऐलान

ईरान की फार्स समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरानी सेना ने भी अमेरिकी पायलट को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया है। तेहरान ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि यदि वे दुश्मन पायलट को जिंदा पकड़कर पुलिस या सैन्य बलों के हवाले करते हैं तो उन्हें 'कीमती इनाम और बोनस' दिया जाएगा। यह घोषणा विशेष रूप से कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत के लोगों के लिए की गई है।

पायलट पकड़ा जाता है तो क्या होगा?

अगर पायलट जिंदा पकड़ा जाता है तो यह ईरान के लिए एक मजबूत रणनीतिक बढ़त साबित हो सकता है। वह इसे अमेरिका पर दबाव बनाने, हमले रोकने की मांग करने या वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत दिखाने के लिए इस्तेमाल कर सकता है। दूसरी ओर, अमेरिका की प्रतिक्रिया और अधिक आक्रामक हो सकती है। पायलट को छुड़ाने के लिए वह कूटनीतिक या सैन्य विकल्पों का सहारा ले सकता है। इससे संघर्ष और व्यापक हो सकता है और खाड़ी क्षेत्र के अन्य देश भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।

सुप्रीम लीडर की मौत और महायुद्ध की शुरुआत

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्ध के आदेश दिए जाने के बाद, ईरान के भीतर किसी अमेरिकी विमान के नष्ट होने की यह पहली ज्ञात घटना है। यह संघर्ष 28 फरवरी को तब शुरू हुआ था जब इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमला किया जिसमें सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके जवाब में ईरान की कार्रवाई ने इस संघर्ष को पूरे मध्य-पूर्व में फैला दिया है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट

ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे इस युद्ध ने न केवल मानवीय संकट पैदा किया है बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी हिलाकर रख दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस संघर्ष से कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने के साथ-साथ 'हीलियम गैस' पर भी संकट मंडरा रहा है, जिसका सीधा असर एमआरआई (MRI) स्कैन से लेकर एआई (AI) सिस्टम तक पड़ेगा। इसके अलावा, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी तनाव चरम पर है।

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