ट्रंप की 'फायर' लिस्ट में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ? सिगनलगेट स्कैम और ईरानी ट्रोलिंग ने बढ़ाई US की टेंशन

Trump Fire Pete Hegseth: अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की छुट्टी होने की खबरें तेज हैं। ट्रंप की नाराजगी और पेंटागन में आंतरिक कलह के बीच अब ईरानी मीडिया ने भी हेगसेथ को जमकर ट्रोल किया है।
Defense Secretary Pete Hegseth on Trump's 'Fire' List? SignalGate Scam and Iranian Trolling Heighten Tensions
ट्रम्प और पीट हेगसेथ, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Trump Fire Pete Hegseth Controversy Iran War: अमेरिका के रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। खबर है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को पद से हटाने की तैयारी कर रहे हैं। अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी की हालिया बर्खास्तगी के बाद अब व्हाइट हाउस के गलियारों में चर्चा है कि अगला नंबर हेगसेथ का ही हो सकता है।

इस संभावित बदलाव की खबरों ने न केवल अमेरिकी राजनीति बल्कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी हलचल पैदा कर दी है खासकर ईरानी मीडिया इस स्थिति का जमकर मजा ले रहा है।

सिगनलगेट स्कैम और ट्रंप की नाराजगी

पीट हेगसेथ की कुर्सी खतरे में होने का एक मुख्य कारण 'सिगनलगेट स्कैम' को माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मार्च 2025 में एक ग्रुप चैट के दौरान हेगसेथ से एक बड़ी रणनीतिक चूक हुई थी जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी लीक हो गई थी। इसके बाद से ही राष्ट्रपति ट्रंप उनसे खफा बताए जा रहे हैं। ट्रंप की कार्यशैली को देखते हुए जहां वे मंत्रियों को पदमुक्त करने में देरी नहीं करते, हेगसेथ की रातों की नींद उड़ी हुई है।

व्हाइट हाउस के अंदर छिड़ा पावर गेम

हेगसेथ को केवल बाहरी कारणों से ही नहीं, बल्कि अपनों से भी खतरा महसूस हो रहा है। वह आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल को अपनी कुर्सी के लिए सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी मान रहे हैं। ड्रिस्कॉल की स्थिति व्हाइट हाउस में काफी मजबूत है क्योंकि उनके पास उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का समर्थन है। बताया जाता है कि ड्रिस्कॉल और जेडी वेंस ने येल लॉ स्कूल में साथ पढ़ाई की है और इराक युद्ध के दौरान भी साथ काम किया है। इसके अलावा, यूक्रेन युद्ध के दौरान चीफ निगोशिएटर के रूप में ड्रिस्कॉल के काम से ट्रंप उनसे काफी प्रभावित हुए थे।

आर्मी चीफ पर गिरी गाज

अपनी असुरक्षा के चलते हेगसेथ ने सेना के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ भी सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है। उन्होंने गुरुवार को अचानक अमेरिकी आर्मी चीफ जनरल रैंडी जॉर्ज का इस्तीफा मांग लिया। इस कदम के पीछे की वजह जनरल जॉर्ज के डैन ड्रिस्कॉल के साथ करीबी रिश्ते बताए जा रहे हैं जो Pete Hegseth को अपनी सत्ता के लिए खतरा लग रहे थे। पेंटागन के अंदर चल रही इस कशमकश को एक तरह का 'कोल्ड वॉर' माना जा रहा है।

ईरानी मीडिया का तंज और ट्रोलिंग

इस पूरे विवाद के बीच ईरान के सैन्य मीडिया ने हेगसेथ पर तीखा कटाक्ष किया है। ईरानी मीडिया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर हेगसेथ का फोन नंबर मांगा है। उन्होंने लिखा, 'जिसके पास भी उनका नंबर हो, उन्हें कॉल करके कहें कि वह बार-बार कॉल रिजेक्ट करना बंद करें। जीवन में उतार-चढ़ाव तो आते ही रहते हैं, श्रीमान युवा युद्ध मंत्री!'।

गौरतलब है कि हेगसेथ वही व्यक्ति हैं जिन्होंने ट्रंप को ईरान से जंग लड़ने की सलाह दी थी और वह अक्सर ईरान के खिलाफ आक्रामक बयानबाजी करते रहे हैं। अब उनकी संभावित बर्खास्तगी की खबरों ने ईरान को उन्हें ट्रोल करने का सुनहरा मौका दे दिया है।

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