पुतिन के दूत ने की अमेरिका की तारिफ, बताया महत्वपूर्ण और वास्तव में ऐतिहासिक पल
अमेरिकी के कुछ नेताओं ने ट्रंप के प्रतिबंधों को रोकने के फैसले की आलोचना की है
अमेरिका ने रूस पर नए प्रतिबंधों और 100% तक के टैरिफ लागू करने वाले प्रावधानों लगाया रोक
The US Lifted Sanctions On Russia: अमेरिका और रूस के बीच स्थिति सामान्य होने के आसार नजर आ रहे है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर नए प्रतिबंध लगाने के प्रावधानों को फिलहाल रोकने का फैसला किया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विशेष दूत किरिल दिमित्रीव ने अमेरिकी राष्ट्रपति के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे महत्वपूर्ण और वास्तव में ऐतिहासिक पल बताया है। इस फैसले के बाद अमेरिका और रूस के बीच आर्थिक सहयोग को लेकर नई चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, यूक्रेन और उसके सहयोगियों की ओर से इसे लेकर चिंता जताई जा रही है।
क्या है अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का फैसला?
अमेरिकीू राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 16 अक्टूबर को एक कार्यकारी आदेश जारी कर रूस से संबंधित नए प्रतिबंधों और टैरिफ के कई प्रावधानों को लागू करने से छूट दी। ये प्रावधान लिंडसे ग्राहम के नाम पर बने 2026 के प्रतिबंध कानून का हिस्सा है। इस कानून का उद्देश्य रूस के ऊर्जा क्षेत्र, वित्तीय संस्थानों और यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध को आर्थिक रूप से समर्थन देने वाले नेटवर्क पर दबाव बढ़ाना था।
प्रस्तावित प्रावधानों में रूसी तेल और गैस खरीदने वाले कुछ देशों के सामान पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का विकल्प भी शामिल था। ट्रंप ने अपने फैसले के पीछे अमेरिका के राष्ट्रीय हितों का हवाला दिया है। हालांकि, इस आदेश का मतलब रूस पर पहले से लागू सभी अमेरिकी प्रतिबंधों को समाप्त करना नहीं है।
रूसी दूत ने की ट्रंप की तारिफ
रूसी राष्ट्रपति पुतिन के विशेष दूत किरिल दिमित्रीव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्रंप प्रशासन के फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्राहम एक्ट के प्रावधानों को रोकना एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक घटनाक्रम है।
दिमित्रीव के मुताबिक, आर्थिक सहयोग अमेरिका और रूस दोनों के हित में है। इससे वैश्विक आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा मिल सकता है और दोनों देशों के बीच विश्वास बहाल करने के साथ स्थायी शांति की दिशा में भी मदद मिल सकती है।
यूक्रेन युद्ध के बीच अहम फैसला
डोनाल्ड ट्रंप का यह कदम ऐसे समय आया है, जब रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष जारी है। अमेरिकी प्रशासन की रूस के प्रति नीति और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को लेकर ट्रंप की हालिया टिप्पणियों पर भी चर्चा हो रही है।
अमेरिकी कांग्रेस के कुछ नेताओं ने प्रतिबंधों को रोकने के फैसले की आलोचना की है। उनका तर्क है कि नए प्रतिबंधों से रूस पर युद्ध समाप्त करने के लिए दबाव बढ़ाया जा सकता था।
फिलहाल, ट्रंप के फैसले से अमेरिका-रूस आर्थिक संबंधों को लेकर संभावनाएं बढ़ी हैं, लेकिन इसका यूक्रेन युद्ध और भविष्य की कूटनीतिक बातचीत पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।