

US Immigration Crackdown: अमेरिका के मिनेसोटा के मिनियापोलिस में एक महिला की मौत उस समय हो गई जब इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के अधिकारी ने कार्रवाई के दौरान उसे उसकी गाड़ी में ही गोली मार दी। महिला की पहचान रैनी गुड के रूप में हुई। फेडरल अधिकारियों का कहना है कि महिला ने अधिकारी को कुचलने की कोशिश की, जबकि शहर के मेयर ने इस कार्रवाई को लापरवाही और गैर-जरूरी बताया। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और स्थानीय तथा फेडरल अधिकारियों के खिलाफ नारे लगाने लगे। प्रदर्शनकारियों ने ‘शर्म करो’ और ‘ICE को मिनेसोटा से बाहर करो’ जैसे नारे लगाए और सीटी बजाकर विरोध जताया। मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे ने कहा कि इमिग्रेशन एजेंट शहर में अराजकता फैला रहे हैं और सोशल मीडिया पर लिखा कि ICE को तुरंत शहर और राज्य छोड़ देना चाहिए। उन्होंने अपने प्रवासी और शरणार्थी समुदायों के साथ खड़े होने की बात भी दोहराई।
ट्रंप ने महिला को घटना का जिम्मेदार इसी बीच मामले को लेकर अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने घटना के लिए महिला को ही जिम्मेदार बताया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा, उन्होंने मिनियापोलिस, मिनेसोटा में हुई घटना का वीडियो देखा। उन्होंने कहा कि यह बेहद डरावना था।
ट्रंप ने आगे कहा कि, जो महिला चीख रही थी, वह स्पष्ट रूप से उकसाने वाली थी, जबकि वाहन चला रही महिला अव्यवस्थित थी और अधिकारियों के काम में बाधा डाल रही थी। उन्होंने कहा कि महिला ने जानबूझकर ICE अधिकारी को कुचलने की कोशिश की, जिसके बाद अधिकारी ने आत्मरक्षा में गोली चलाई।
पूरे अमेरिका में विरोध प्रदर्शन
इस घटना के बाद इलाके में तनाव और विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हुए और स्थानीय व फेडरल अधिकारियों के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने 'शर्म करो' और 'ICE को मिनेसोटा से बाहर करो' जैसे नारे लगाए और सीटी बजाकर विरोध जताया।
इसके अलावा घटना को लेकर देश कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन हो रहे है। जिसमें लाखों लोग सड़कों पर उतरकर ट्रंप प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते और अमेरिकी झंडा जलाते नजर आ रहे है।