ईरान पर हमला टाल सकते हैं ट्रंप! अल्टीमेटम खत्म होने से पहले आएगी खुशखबरी? जेडी वेंस ने जगाई उम्मीद

Donald Trump की ईरान को दी गई मंगलवार रात 8 बजे की डेडलाइन खत्म हो रही है। अमेरिका और इजरायल 'इंफ्रास्ट्रक्चर डे' ऑपरेशन के तहत ईरान के ऊर्जा केंद्रों को तबाह करने के लिए तैयार हैं।
Donald Trump May Postpone Iran Military Action
ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई टाल सकते हैं ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Donald Trump May Postpone Iran Military Action: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड (Donald Trump) ट्रंप ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे पर संभावित हमलों को टाल सकते हैं, लेकिन यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान के साथ चल रही बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि तय समयसीमा के बाद ईरान को कोई अतिरिक्त मोहलत दी जाएगी या नहीं।

ट्रंप ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोहराया कि मंगलवार शाम 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) उनकी डेडलाइन अंतिम है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोलता या समझौते के लिए तैयार नहीं होता, तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि अमेरिका एक रात में ईरान की क्षमताओं को पूरी तरह खत्म कर सकता है और उसके बुनियादी ढांचे को नष्ट कर सकता है।

सैन्य कार्रवाई को टाल सकते हैं ट्रंप

रिपोर्ट के अनुसार, यदि डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को यह संकेत मिलता है कि समझौते की दिशा में प्रगति हो रही है, तो वे सैन्य कार्रवाई को रोक सकते हैं। हालांकि अंतिम निर्णय उन्हीं के हाथ में होगा। एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने संकेत दिया है कि अतिरिक्त समय मिलने की संभावना कम है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कूटनीतिक प्रयासों के लिए समय तेजी से खत्म हो रहा है। बताया जा रहा है कि यदि आदेश दिया जाता है, तो अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के ऊर्जा और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमले के लिए तैयार हैं। इस संभावित अभियान को “इंफ्रास्ट्रक्चर डे” नाम दिया गया है और इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है।

ईरान ने उड़ाया अमेरिका का मजाक

इसी बीच, जिम्बाब्वे में ईरानी दूतावास की ओर से डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की समयसीमा पर व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। वहीं, ट्रंप ने यह संकेत दिया है कि कूटनीति के रास्ते अभी पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं।

वहीं, दूसरी ओर अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर सहित उनकी टीम का मानना है कि यदि समझौते की संभावना है, तो उसे आगे बढ़ाया जाना चाहिए। दूसरी ओर,बेंजामिन नेतन्याहू, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे सहयोगी देशों का दबाव है कि बिना ठोस रियायतों के युद्धविराम स्वीकार न किया जाए।

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