ईरान के बाद अब ट्रंप के निशाने पर क्यूबा, तेल और रोटी को तरस रहे लोग, जानें क्यों बढ़ीं मुश्किलें?

Trump Cuba Conflict: डोनाल्ड ट्रंप द्वारा क्यूबा पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों और तेल आपूर्ति रोकने से वहां बिजली, पानी और भोजन का गंभीर संकट पैदा हो गया है। वेनेजुएला का समर्थन क्यूबा पर भारी पड़ रहा है।
After Iran, Cuba is now in Trump's crosshairs; people are struggling even for oil and bread find out why difficulties have escalated.
डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Trump Cuba Conflict Economic Crisis:  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख की वजह से दुनिया के कई देश इस वक्त आर्थिक और राजनीतिक दबाव का सामना कर रहे हैं। ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अब ट्रंप की अब तिरछी निगाहें क्यूबा पर टिक गई हैं।

ट्रंप प्रशासन द्वारा क्यूबा की आर्थिक घेराबंदी किए जाने से इस छोटे से द्वीपीय देश में हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं। ट्रंप ने न केवल क्यूबा पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं बल्कि वहां होने वाली तेल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर भी रोक लगा दी है।

बुनियादी जरूरतों के लिए तरस रही जनता

डोनाल्ड ट्रंप के मनमाने रवैये का सबसे ज्यादा असर क्यूबा की आम जनता पर पड़ रहा है। हाल के महीनों में ट्रंप की धमकियों और प्रतिबंधों के बाद क्यूबा में बिजली, पानी और खाने की बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रही हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि लोग अब पेट भरने के लिए चर्चों द्वारा दी जाने वाली मदद पर निर्भर हो गए हैं। ओल्ड हवाना के 'होली स्पिरिट चर्च' में बुजुर्गों के समूह को मांस, चावल और रेड बीन्स का भोजन जुटाने के लिए भगवान का शुक्रिया अदा करते देखा जा रहा है।

वेनेजुएला का साथ बना मुसीबत की जड़

ट्रंप ने क्यूबा को अमेरिकी सुरक्षा के लिए खतरा घोषित कर रखा है। उनका मुख्य आरोप है कि क्यूबा ने लंबे समय तक वेनेजुएला के 'तानाशाहों' को सुरक्षा प्रदान की और बदले में वहां से तेल और पैसा लेता रहा। ट्रंप ने क्यूबा को अमेरिका सुरक्षा को लेकर खतरा घोषित कर दिया है। उनका मुख्य आरोप है कि क्यूबा ने लंबे समय तक वेनेजुएला के 'तानाशाहों' को सुरक्षा प्रदान की और बदले में वहां से तेल और पैसा लेता रहा। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अब क्यूबा को वेनेजुएला से तेल नहीं लेने दिया जाएगा और उसे किसी भी तरह की मदद नहीं दी जाएगी। ट्रंप का कहना है कि क्यूबा को बहुत देर होने से पहले समझौता कर लेना चाहिए और वहां की सत्ता में बड़े बदलाव होने चाहिए।

बुजुर्गों और पेशेवरों पर दोहरी मार

फ्लोरिडा के पास स्थित इस कम्युनिस्ट शासित देश में 2018 से मिगुएल डियाज-कैनेल राष्ट्रपति हैं। ट्रंप के प्रतिबंधों ने सबसे ज्यादा उन बुजुर्गों को प्रभावित किया है जो कभी सरकारी डॉक्टर, नर्स, शिक्षक या टेक्नीशियन हुआ करते थे। इनमें से कई लोगों की मासिक पेंशन 10 डॉलर से भी कम है, जिससे इस महंगाई में गुजारा करना असंभव हो गया है।

क्यूबा और अमेरिका के बीच क्या है विवाद?

अमेरिका-क्यूबा के बीच विवाद का इतिहास पुराना है। 1898 में स्पेन को हराने के बाद क्यूबा अमेरिका के संरक्षण में आया लेकिन 1959 में फिदेल कास्त्रो की क्रांति ने रिश्तों में दरार डाल दी। इसके बाद सोवियत संघ से क्यूबा की नजदीकी ने अमेरिका को और नाराज कर दिया। जॉन एफ. केनेडी के समय से लगे प्रतिबंधों में ओबामा शासन के दौरान कुछ ढील दी गई थी लेकिन सत्ता में आने के बाद ट्रंप ने फिर से सख्त रुख अपना लिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान के बाद अब क्यूबा की बारी है जिससे आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ने के संकेत हैं।

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