'मैं न होता तो पाकिस्तान में मर जाते करोड़ों लोग', ऑपरेशन सिंदूर पर ट्रंप का नया दावा, खुद को बता दिया मसीहा

Trump on India Pakistan Conflict: डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान संघर्ष और आठ अन्य युद्धों को रोका, जबकि भारत ने उनके दावे को खारिज करते हुए अमेरिका की भूमिका को नकारा।
Trump’s State of the Union Speech
ऑपरेशन सिंदूर पर डोनाल्ड ट्रंप का नया दावा (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Trump’s State of the Union Speech: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अपने पुराने दावे को फिर से दोहराया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध समेत आठ अन्य युद्धों को रोका था। हालांकि, उन्होंने अपने 'स्टेट ऑफ द यूनियन' संबोधन में एक चौंकाने वाला खुलासा किया। ट्रंप ने दावा किया कि   उन्होंने भारत के ऑपरेशन सिंदूर को रोककर 3.5 करोड़ लोगों की जान बचाई थी।

ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनसे कहा था कि अगर उन्होंने हस्तक्षेप न किया होता, तो पिछले साल भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 3.5 करोड़ लोग मारे जाते। ट्रंप का यह बयान यह संकेत देता है कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिवसीय सैन्य संघर्ष के दौरान पाकिस्तान बैकफुट पर था।

संबोधन में किया उपलब्धियों का बखान

अपने दूसरे कार्यकाल के पहले 'स्टेट ऑफ द यूनियन' संबोधन में ट्रंप ने अपनी उपलब्धियों का बखान करते हुए यह भी कहा, "अपने पहले 10 महीनों में, मैंने कंबोडिया और थाईलैंड समेत आठ युद्धों को रुकवाया। यह मजाक नहीं है। पाकिस्तान और भारत के बीच परमाणु युद्ध हो सकता था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने मुझसे कहा था कि अगर मैं हस्तक्षेप न करता, तो 3.5 करोड़ लोगों की मौत हो जाती।"

डोनाल्ड ट्रंप ने जिन आठ युद्धों को रुकवाने का दावा किया, उनमें इजरायल और हमास, इजरायल और ईरान, मिस्र और इथियोपिया, भारत और पाकिस्तान, सर्बिया और कोसोवो, रवांडा और कांगो, आर्मेनिया और अजरबैजान, और कंबोडिया और थाईलैंड के बीच के संघर्ष शामिल हैं। हालांकि, भारत ने पाकिस्तान के साथ चार दिवसीय संघर्ष के दौरान सीजफायर में ट्रंप की भूमिका को बार-बार नकारा है।

जयशंकर ने दिया था करारा जवाब

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ट्रंप के दावे पर चुटकी लेते हुए कहा था, "यूएस, यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका में था।" यह बयान ट्रंप के दावे को पूरी तरह से खारिज करता था, जिसका मतलब था कि अमेरिका का भारत-पाकिस्तान संघर्ष में कोई हस्तक्षेप नहीं था। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भी किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप को नकारते हुए कहा था कि पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन (DGMO) ने भारतीय समकक्ष से संपर्क कर युद्धविराम की मांग की थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष समाप्त हुआ।

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