हवा में सेल्फी लेना पड़ा भारी, इस देश ने लगाया अपने पायलट पर 55 लाख का जुर्माना, जानें क्या है पूरा मामला

South Korea News: दक्षिण कोरिया के एक फाइटर पायलट को हवा में विमान टकराने के लिए 55 लाख रुपये का हर्जाना देना होगा। पायलट सेल्फी और वीडियो के चक्कर में खतरनाक स्टंट कर रहा था।
South Korean Fighter Pilot Fine
सांकेतिक तस्वीर
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South Korean Fighter Pilot Fine: दक्षिण कोरिया के एक फाइटर पायलट को 2021 में हवा में हुई टक्कर के लिए 88 मिलियन वॉन (लगभग 55 लाख रुपये) का हर्जाना देने का आदेश दिया गया है। यह घटना उस समय हुई थी जब पायलट अपनी अंतिम तैनाती से पहले अपनी उड़ान का वीडियो और तस्वीरें लेना चाहता था। 

दक्षिण कोरिया के बोर्ड ऑफ ऑडिट एंड इंस्पेक्शन की रिपोर्ट के अनुसार, पायलट ने 578 किलोमीटर प्रति घंटे (लगभग 359 मील प्रति घंटे) की रफ्तार से उड़ते हुए दूसरे विमान के पायलट और एक साथी से कहा कि वे अपने फोन पर उसकी तस्वीरें लें।

सेल्फी के चक्कर में हुआ था हादसा

बेहतरीन शॉट लेने के चक्कर में उसने अपने जेट को पलटा और दूसरे विमान के काफी करीब ले गया। इसी दौरान उसके विमान का स्टेबिलेटर (पूंछ पर लगा नियंत्रक यंत्र) दूसरे विमान के पंख से टकरा गया। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन टक्कर के कारण 878 मिलियन वॉन (करीब 5.5 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ। रिपोर्ट में बताया गया कि इस दौरान पायलट का विमान 137 डिग्री तक उल्टा हो गया, ताकि उसका ऊपरी हिस्सा वीडियो में कैद किया जा सके। रक्षा मंत्रालय ने शुरू में पायलट को पूरी रकम चुकाने का आदेश दिया, लेकिन पायलट ने बोर्ड से रियायत की गुहार लगाई। उसकी अपील पर बोर्ड ने हर्जाने को घटाकर मरम्मत लागत का केवल 10 प्रतिशत कर दिया।

पायलट ने लगाई थी रियायत की गुहार

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि यह पायलट 2010 से कमीशन प्राप्त करके लंबे समय तक फाइटर पायलट के रूप में सेवा दे चुका है और उसने अब तक विमान सुरक्षित रूप से संभाले हैं। हालांकि, रिपोर्ट में विमान का नाम स्पष्ट नहीं किया गया, लेकिन योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार यह घटना F-15K फाइटर जेट विमान के साथ हुई थी।

इस घटना ने विमानन सुरक्षा के महत्व को दोबारा उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि मनोरंजन या व्यक्तिगत तस्वीरों के लिए ऐसे जोखिम भरे अंदाज में उड़ान करना बेहद खतरनाक हो सकता है। हालांकि इस बार कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन तकनीकी नुकसान और संभावित दुर्घटना के कारण यह मामला गंभीर माना जा रहा है। 

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