

Somalia Pirates Hijack Oil Tanker Indian Crew Hostage: एक तरफ जहां पूरी दुनिया की नजरें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव पर टिकी हैं वहीं दूसरी तरफ समुद्री लुटेरों ने इसका फायदा उठाते हुए फिर से सिर उठाना शुरू कर दिया है। सोमालिया के तट के पास एक तेल टैंकर के हाईजैक होने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। इस घटना ने न केवल समुद्री सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला में एक नया डर पैदा कर दिया है।
रिपोर्ट के अनुसार, 'Honour 25' नामक तेल टैंकर सोमालिया के तट से लगभग 30 नॉटिकल मील की दूरी पर था जब बुधवार देर रात छह हथियारबंद हमलावरों ने इस पर धावा बोल दिया। शुरुआती हमले के कुछ समय बाद पांच और हथियारबंद लोग जहाज पर सवार हो गए। वर्तमान में, यह जहाज सोमालिया के तट के पास ज़ाफ़ुन (Xaafun) और बंदर बेला के बीच लंगर डाले हुए है जहां हथियारबंद लुटेरों का इस पर पूरी तरह नियंत्रण है।
जहाज पर कुल 17 क्रू मेंबर सवार हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, बंधकों में 10 पाकिस्तानी, 4 इंडोनेशियाई, 1 भारतीय, 1 श्रीलंकाई और 1 म्यांमार का नागरिक शामिल है। यह टैंकर लगभग 18,500 बैरल तेल लेकर सोमालिया की राजधानी मोगादिशू की ओर जा रहा था। हाईजैक होने से पहले इस जहाज को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास भी देखा गया था, जो वर्तमान में युद्ध जैसी स्थिति का सामना कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले तीन वर्षों से इस क्षेत्र में समुद्री डकैती लगभग खत्म हो चुकी थी लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक बलों का ध्यान इस समय होर्मुज और रेड सी में जारी सैन्य तनाव की ओर अधिक है जिसने सोमालियाई तटों के पास एक 'सुरक्षा गैप' पैदा कर दिया है। इसी सुरक्षा चूक का फायदा उठाकर लुटेरे अब फिर से कंटेनर जहाजों और फिशिंग ट्रॉलरों को निशाना बना रहे हैं।
इस घटना का असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। रिपोर्टों के अनुसार, मोगादिशू में पेट्रोल की कीमतें पहले ही तीन गुना बढ़ चुकी हैं और इस हाईजैकिंग के बाद आपूर्ति में और कमी आने की संभावना है। पाकिस्तान के समुद्री मामलों के मंत्री जुनैद अनवर चौधरी ने इस मामले पर पूरी रिपोर्ट मांगी है और सभी संबंधित एजेंसियों को रेस्क्यू ऑपरेशन तेज करने के निर्देश दिए हैं। पाकिस्तान सरकार कूटनीतिक स्तर पर भी सक्रिय हो गई है ताकि अंतरराष्ट्रीय सहयोग से क्रू मेंबर्स की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके।