पिता शेख मुजीब की गलतियों से शेख हसीना ने नहीं लिया सबक, छिन गई कुर्सी और छूट गया देश

ब्रह्मा चेलानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट में लिखा कि जिस तरह उनके पिता शेख मुजीब ने 1975 में इस चेतावनी को नजरअंदाज किया था कि सेना के अधिकारी उन्हें मारने की साजिश कर रहे हैं, उसी तरह हसीना ने इस सलाह को नजरअंदाज किया।
बांग्लादेश में न होकर भी सोशल मीडिया पर छाईं शेख हसीना, ICT ने कसा शिकंजा
शेख हसीना Pic: Social Media
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नई दिल्ली: बांग्लादेश में तख्तापलट की वजह शेख हसीना की वही गलती है जो उनके पिता शेख मुजीब ने की थी। विदेश मामलों के जानकार ब्रह्मा चेलानी का मानना है कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की ये हालत उनके पिता की ही तरह गलतियां दोहराने की वजह से हुई है। उन्होंने आगे कहा कि पिता शेख मुजीब चेतावनियों को नजर अंदाज किया था। उसी तरह शेख हसीना ने गलतियों को नजर अंदाज किया।

ब्रह्मा चेलानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट में लिखा कि जिस तरह उनके पिता शेख मुजीब ने 1975 में इस चेतावनी को नजरअंदाज किया था कि सेना के अधिकारी उन्हें मारने की साजिश कर रहे हैं, उसी तरह हसीना ने इस सलाह को नजरअंदाज किया।

चेलानी ने कहा कि महत्वाकांक्षी जमान को सेना प्रमुख नियुक्त करने से उनका तख्तापलट हो सकता है। सेना प्रमुख बनने के छह हफ्ते बाद जमान जो कि हसीना के चचेरे भाई से विवाहित हैं। उन्होंने टेलीविज़न पर आकर घोषणा की कि प्रधानमंत्री ने पद छोड़ दिया है और देश छोड़ दिया है और वे पूरी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

इसके बाद उन्होंने सेना के शीर्ष अधिकारियों से हसीना के वफादारों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। इस लेख में दावा किया गया है कि अधिकारियों की एक युवा पीढ़ी ने जमान को हसीना को छोड़ने के लिए राजी किया।

बता दें कि बांग्लादेश में पिछले दो महीने से भयंकर प्रदर्शन और बवाल जारी था। जिसके बाद बीते पांच अगस्त को इस प्रदर्शन ने भयावह रूप ले लिया। हालत ये हुई कि बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपने पद से इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा। यानी बांग्लादेश में एक बार फिर से तख्तापलट हुआ। हसीना शायद देश न छोड़ी होतीं तो शायद उनका भी हत्या की जा सकती थी।

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