'शर्म करो...', पुतिन-किम को साथ देख जिनपिंग पर भड़के ट्रंप, बोले- अमेरिका की वजह से आजाद है चीन

America China Relation: डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि क्या राष्ट्रपति शी उस मदद की कद्र करेंगे, जो अमेरिका ने चीन को स्वतंत्र करने में निभाई थी। ट्रंप ने बताया कि चीन की आज़ादी और सम्मान के पीछे कई...
'शर्म करो...', पुतिन-किम को साथ देख जिनपिंग पर भड़के ट्रंप, बोले- अमेरिका की वजह से आजाद है चीन
पुतिन-किम को साथ देख जिनपिंग पर भड़के ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया )
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US China Tensions: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से चीन को सीधे निशाना बनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को संदेश भेजा, जिसमें उन्होंने चीन पर अमेरिका के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन का भी उल्लेख किया।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि असली मुद्दा यह है कि क्या राष्ट्रपति शी उस सहायता का सम्मान करेंगे, जो अमेरिका ने चीन को स्वतंत्र बनाने में दी थी। उनके अनुसार, चीन की आज़ादी और गर्व के पीछे कई अमेरिकी सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति दी। ट्रंप उम्मीद कर रहे हैं कि चीन उन बलिदानों को याद रखेगा और उनका आदर करेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब चीन के राष्ट्रपति बीजिंग में एक भव्य सैन्य परेड आयोजित कर रहे हैं, जिसमें पुतिन और किम जैसे बड़े नेता भी शामिल होंगे।

ट्रंप ने तंज कसते हुए दी शुभकामनाएं

ट्रंप ने अपने संदेश में कहा कि वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग और चीन के अद्भुत लोगों को इस महान और यादगार उत्सव के दिन की बधाई देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि व्लादिमीर पुतिन और किम जोंग उन को भी मेरी शुभकामनाएं दें, क्योंकि आप लोग अमेरिका के खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं।

दरअसल, बीजिंग में यह परेड द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति और चीन द्वारा जापानी आक्रमण के खिलाफ 80 वर्षों से चल रहे संघर्ष की याद में आयोजित की जा रही है। इसमें दुनिया भर के 25 देशों के नेता शामिल हुए हैं। विशेष रूप से यह पहली बार होगा जब किम जोंग उन किसी बहुपक्षीय कार्यक्रम में भाग लेंगे।

ट्रंप का गुस्सा साफ आ रहा है नजर

इस कार्यक्रम को लेकर चर्चा जोरों पर है कि पुतिन, शी और किम एक ही मंच पर दिखाई दे सकते हैं। ये तीनों देश अक्सर अमेरिका के मुख्य प्रतिद्वंद्वी माने जाते हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि नेताओं के बीच कोई निजी वार्ता होगी या नहीं। ट्रंप के बयान से साफ पता चलता है कि वह चीन और उसके सहयोगियों को अमेरिका के खिलाफ खड़ा देखकर शांत नहीं रह सकते। उनके तंज में भी अमेरिका की भूमिका और उसके बलिदानों को याद दिलाने की कोशिश झलकती है।

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