रिपब्लिकन पार्टी से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार वेंस ने सुनाया किस्सा, कभी थे ट्रंप के कट्टर आलोचक

कभी पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के कटु आलोचक रहे वेंस हाल के वर्षों में उनके कट्टर समर्थक के रूप में सामने आए हैं। वह ऐसे वक्त में आम चुनाव की दौड़ में शामिल हुए हैं
Republican Party Vice Presidential candidate Vance told his childhood spent in difficulties
रिपब्लिकन पार्टी से उपराष्ट्रपति पद जे डी वेंस (दाएं) डोनाल्ड ट्रंप के साथ
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मिलवाउकी: रिपब्लिकन पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर नामांकन स्वीकार करते हुए जे डी वेंस ने बुधवार रात को देशवासियों को अपना परिचय दिया और मुश्किलों में बीते अपने बचपन पर प्रकाश डाला। वेंस ने कहा कि उनकी पार्टी संघर्ष कर रहे अमेरिकियों के समक्ष मौजूद चुनौतियों को अच्छी तरह से समझती है।

रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन में दिए गए मुख्य भाषण में वेंस ने केंटुकी और ओहायो में एक गरीब परिवार में पले-बढ़े होने, अपनी मां के नशे की लत के शिकार होने और पिता के न होने की कहानी साझा की। उन्होंने येल लॉ स्कूल से स्नातक किया और फिर अमेरिकी मरीन में शामिल हो गए। बाद में उन्होंने राजनीति की दुनिया में कदम रखा।

वेंस ने कहा, मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि आज रात मैं यहां खड़ा होऊंगा। ओहायो के 39 वर्षीय सीनेटर वेंस राजनीति में अपेक्षाकृत कम जाना-पहचाना चेहरा हैं और वह दो साल से भी कम वक्त से सीनेट में हैं। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार नामित किए जाने के बाद से वेंस ने अपने आप को भुलाए जा चुके श्रमिक वर्ग के लिए एक योद्धा बताया।

वेंस ने औद्योगिक गिरावट का सामना कर रहे रस्ट बेल्ट मतदाताओं से वोट करने की अपील की जिन्होंने ट्रंप को आश्चर्यजनक रूप से 2016 में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा आहायो जैसे छोटे शहरों या पेनसिल्वेनिया या मिशिगन, देशभर के हमारे राज्यों में नौकरियों को विदेश भेज दिया गया और बच्चों को युद्ध में भेजा गया।

पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के कटु आलोचक रहे वेंस

वेंस ने कहा कि मिडलटाउन, ओहायो के लोगों और मिशिगन, विसकॉन्सिन, पेनसिल्वेनिया में भुला दिए गए सभी समुदायों तथा हमारे देश के हरेक कोने के लोगों से मैं यह वादा करता हूं, मैं ऐसा उपराष्ट्रपति बनूंगा जो कभी यह नहीं भूलेगा कि वह कहां से आया है। कभी पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के कटु आलोचक रहे वेंस हाल के वर्षों में उनके कट्टर समर्थक के रूप में सामने आए हैं। वह ऐसे वक्त में आम चुनाव की दौड़ में शामिल हुए हैं जब 78 वर्षीय ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति 81 वर्षीय जो बाइडन की उम्र को लेकर मतदाताओं की चिंताएं बढ़ गई हैं।

इंडियाना के रिपब्लिकन जिम बैंक्स ने बुधवार को वेंस का परिचय कराते हुए कहा था, जे डी वेंस को चुनने का डोनाल्ड ट्रंप का फैसला भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। ट्रंप ने वेंस के रूप में ऐसे व्यक्ति को चुना है जो देश का भविष्य है, रिपब्लिकन पार्टी का भविष्य है अमेरिका प्रथम आंदोलन का भविष्य है। सम्मेलन केंद्र में मौजूद लोगों ने गर्मजोशी से वेंस का स्वागत किया। बुधवार रात को वेंस की पत्नी ऊषा चिलुकुरी वेंस ने उनका परिचय कराया और उनके तथा अपने बीच के पारिवारिक अंतर के बारे में बात की थी।

ऊषा सैन डिएगो के एक मध्यमवर्गीय प्रवासी परिवार से ताल्लुक रखती हैं जबकि वेंस एक गरीब परिवार से आते हैं। ऊषा ने कहा कि वेंस अमेरिका के लिए अच्छे उपराष्ट्रपति साबित होंगे और उन्होंने अपने पति के जीवन, उनके शाकाहारी भोजन अपनाने और भारतीय भोजन पकाने के कौशल पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वह अमेरिका के काफी अच्छे उपराष्ट्रपति बनेंगे। उन्होंने कहा कि हालांकि, वह मांसाहारी और आलू किस्म की चीजें खाने वाले व्यक्ति हैं लेकिन उन्होंने मेरे शाकाहारी भोजन को अपनाया तथा मेरी मां के लिए खाना बनाना सीखा।

वहीं, वेंस ने अपनी पत्नी ऊषा की तारीफ करते हुए अमेरिका को वास्तव में समृद्ध बनाने में दक्षिण एशिया के प्रवासियों की भूमिका को सराहा। उन्होंने कहा, मैंने इस देश में दक्षिण एशियाई शरणार्थी परिवार की बेटी से शादी की, ये असाधारण लोग हैं जिन्होंने वास्तव में कई तरीकों से देश को समृद्ध बनाया है। वेंस ने बताया कि वह येल विश्वविद्यालय में अपनी खूबसूरत पत्नी ऊषा से मिले थे। उन्होंने 2014 में केंटुकी में शादी की थी। उनके दो बेटे इवान और विवेक तथा बेटी मिराबेल हैं।

इस बीच, बाइडन के चुनाव प्रचार अभियान दल ने बुधवार को एक वीडियो जारी किया, जिसमें उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने वेंस को ऐसा व्यक्ति बताया जिसे ट्रंप जानते हैं कि वह उनके अतिवादी एजेंडे पर बिना सोचे-समझे मुहर लगाएगा। हैरिस ने वीडियो में कहा, कोई गलती न करें : जे डी वेंस केवल ट्रंप के प्रति वफादार होंगे, हमारे देश के प्रति नहीं। (एजेंसी)

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