

Vladimir Putin Secret Son's Report: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की निजी जिंदगी हमेशा से दुनिया के लिए एक बहुत बड़ा रहस्य बनी हुई है। अब उनके दो छोटे बेटों इवान और वोवा को लेकर एक बहुत ही चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इस ताजा खुलासे के अनुसार पुतिन और अलीना काबायेवा के इन दोनों बेटों को पश्चिमी देशों के ट्यूटर दुनिया से छिपाकर बहुत ही कड़ी पाबंदियों के बीच खास ट्रेनिंग दे रहे हैं। राष्ट्रपति के इन बच्चों की परवरिश के लिए एक बहुत ही एकांत पश्चिमी दायरे का निर्माण किया गया है।
पुतिन के 11 वर्षीय इवान और 7 वर्षीय वोवा पश्चिमी शैक्षिक मूल्यों पर आधारित स्कूलिंग घर पर ही ले रहे हैं। पुतिन सार्वजनिक रूप से पश्चिमी देशों की कड़ी आलोचना करते हैं लेकिन उनके बेटे यूरोपीय भाषाएं सीख रहे हैं। 2 साल की उम्र से ही इन दोनों बच्चों के आस-पास ब्रिटेन, जर्मनी और ऑस्ट्रिया जैसे देशों के कम से कम 20 निजी ट्यूटर और देखभाल करने वाली महिलाएं तैनात हैं। ये विदेशी शिक्षक कड़ी पाबंदियों में रहते हैं और बच्चों को सांता क्लॉज के साथ पश्चिमी क्रिसमस मनाना सिखाते हैं।
पुतिन के ये दोनों बच्चे आम बच्चों की तरह स्कूल नहीं जाते हैं और न ही किसी दूसरे बच्चे से मिलते हैं। वे राष्ट्रपति के लिए बने एक बिल्कुल अलग-थलग और सुरक्षित आवास में अपना जीवन बिताते हैं। इस आवास की सुरक्षा इतनी ज्यादा कड़ी है कि वहां एयर डिफेंस सिस्टम भी हर समय तैनात रहता है।
इन बच्चों को पढ़ाने वाले विदेशी ट्यूटर और अन्य स्टाफ भी बहुत ही ज्यादा कड़ी पाबंदियों के बीच रहते हैं। उन्हें खाली समय में भी शहर में जाने, किसी तरह की खरीदारी करने या म्यूजियम जाने की बिल्कुल भी इजाजत नहीं है। इस तरह ये सभी लोग राष्ट्रपति के आवास में बाहरी दुनिया से पूरी तरह कटकर अपना जीवन जीते हैं।
बच्चों की सेहत को लेकर पुतिन का प्रशासन बहुत ही ज्यादा सतर्क रहता है और भारी एहतियात बरती जाती है। दोनों लड़कों के साथ-साथ सभी स्टाफ सदस्यों की भी लगातार सख्त मेडिकल जांच की जाती है। कई शिक्षकों को मेडिकल जांच में सामान्य बैक्टीरिया पाए जाने के बाद तुरंत नौकरी से निकाल दिया गया है।
व्लादिमीर पुतिन के परिवार को लेकर इजरायल, पश्चिमी देशों और अमेरिकी मीडिया में कई तरह की बातें होती हैं। इन देशों की मीडिया में पुतिन के सीक्रेट बच्चों पर अक्सर कई बड़ी और सनसनीखेज खबरें प्रकाशित होती रहती हैं। हालांकि पुतिन या रूसी सरकार की ओर से इस पूरे संवेदनशील मामले पर सार्वजनिक तौर पर कुछ नहीं कहा जाता है।