

President Pezeshkian Mojtaba Khamenei Secret Meeting: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई से तेहरान में एक गुप्त स्थान पर मुलाकात की है। यह महत्वपूर्ण मुलाकात एक गहरे टिंटेड और अंधेरी खिड़कियों वाली विशेष सुरक्षा कार की पिछली सीट पर आयोजित की गई थी। राष्ट्रपति ने इस बातचीत को देश के कठिन समय में बहुत दयालुतापूर्ण तथा काफी तर्कसंगत और उपयोगी बताया है। सुप्रीम लीडर से इस प्रकार सीधे संवाद करना इस समय सुरक्षा कारणों से बहुत अधिक मुश्किल माना जा रहा है।
ईरान के नए सुप्रीम लीडर ने 28 फरवरी को अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिकी हमले में मृत्यु के बाद यह पद संभाला था। पिता की मृत्यु और उसके बाद शुरू हुए इस क्षेत्रीय संघर्ष के बाद से ही मुज्तबा सार्वजनिक रूप से कभी दिखाई नहीं दिए हैं। हाल ही में हुए अपने पिता के अंतिम संस्कार के बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी उनकी अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े किए थे। उनकी गंभीर शारीरिक चोटों और चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी की खबरों के बीच उनकी सेहत को लेकर अटकलें लगातार तेज हो रही हैं।
पेजेश्कियान ने सरकारी मीडिया आईआरआईबी को दिए इंटरव्यू में बताया कि सुरक्षा कारणों से इस समय सुप्रीम लीडर से बात करना बहुत कठिन है। उन्हें मुलाकात के लिए तेहरान में एक अत्यंत गुप्त स्थान पर ले जाया गया था। वहां एक अंधेरी और टिंटेड-विंडो वाली कार की पिछली सीट पर उन्होंने सुप्रीम लीडर के साथ कुछ मिनट बिताए। राष्ट्रपति ने कहा कि इस विकट परिस्थिति में भी यह मुलाकात बेहद सार्थक रही।
राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ विरोधी समूह सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई की नकारात्मक छवि पेश करके देश में फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में संपन्न हुई निर्णय लेने की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया का उदाहरण भी सबके सामने रखा। इस प्रक्रिया में सुप्रीम लीडर ने परिषद की समीक्षा के नतीजे को सहर्ष स्वीकार किया जब प्रस्ताव को 13 में से 12 वोट मिले थे। उन्होंने साबित किया कि उनके ठोस और मजबूत तर्क देश को सही दिशा देने में पूरी तरह सहायक हैं।
ईरान के सुप्रीम लीडर 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के विनाशकारी हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद से वे पूरी तरह एकांत में हैं। मसूद पेजेश्कियान ने स्पष्ट किया कि भले ही उनसे सीधा संपर्क मुश्किल है, लेकिन उनकी मौजूदगी हमारे लिए ताकत का बड़ा स्रोत है। उनकी इसी मजबूत छत्रछाया में ईरान बाहरी हमलों और दुश्मनों की साजिशों का मुस्तैदी से जवाब देने में पूरी तरह सक्षम है।