

PoK Protest Firing: पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK के रावलकोट में एक बार फिर मुनीर की सेना ने कत्लेआम मचाया है। शहर के ईदगाह मैदान में पाकिस्तानी सेना के जवानों और रेंजर्स ने जमा हजारों निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोलियां बरसाई हैं। यह घटना उस वक्त हुई, जब वहां के आम नागरिक शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। देखते ही देखते प्रदर्शन अचानक खौफनाक मंजर में बदल गया।
PoK के लोग सस्ता आटा, चावल, बिजली और बुनियादी अधिकारों की मांग कर रहे थे। इस प्रदर्शन में 60,000 से 70,000 लोग जमा हुए थे, उसी सनय पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बिना किसी चेतावनी के भीड़ पर गोलियां बरसाना शुरू कर दीं। प्रदर्शन में शामिल कई महिलाएं और बच्चे भी मारे गए हैं।
रावलकोट में पाकिस्तानी सेना की बर्बरता के बाद हर तरफ परेशान करने वाला मंजर दिखाई दे रहा है। POK में खून से सनी सड़कें, खून से लथपथ खेत और अपनों की तलाश में दुखी परिवार इस कत्लेआम की कीमत चुका रहे हैं।
निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सेना के जवानों और रेंजर्स द्वारा AK-47 राइफलों से गोलीबारी की गई। इस गोलीबारी में कम से कम 16 नागरिकों की मौत हो गई है और 37 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। कई लोगों के लिए, यह त्रासदी आज शुरू नहीं हुई, शुक्रवार से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ चल रही कार्रवाई में अब तक कुल 53 नागरिकों की मौत हो चुकी है।
सेना द्वारा की गई इस बर्बरता से पूरे इलाके में आक्रोश पैदा हो गया है। कई इलाकों में लोगों ने बाजार बंद कर दिए और हिंसा के खिलाफ मार्च निकाला है। इस प्रदर्शन में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हो रहे हैं और मारे गए लोगों के लिए न्याय मांग रहे हैं। प्रदर्शनकारी नारा लगा रहे हैं, 'ये जो दहशतगर्दी है, इसके पीछे वर्दी है।'
सेना के बर्बरता के बावजूद, प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन छोड़ने से इनकार कर दिया है। रावलकोट में अब भी हजारों लोग जमा हैं और आर्थिक राहत और राजनीतिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे है।
सेना द्वारा गोलीबारी के बाद भीड़ को संबोधित करते हुए, आंदोलन के नेता सरदार अमान खान ने ऐलान किया है कि संघर्ष एक निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है और संकल्प लिया कि जान-माल के नुकसान के बावजूद आंदोलन चलता रहेगा।