PoK में बेकाबू हुए हालात! 12 प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद मुजफ्फराबाद में हाहाकार, शहबाज-मुनीर की बढ़ी बेचैनी

PoK Protest Muzaffarabad: पीओके में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के लॉन्ग मार्च से पहले भारी हिंसा भड़क उठी है। 12 लोगों की मौत और मीडिया ब्लैकआउट के बीच हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं।
Situation spirals out of control in PoK! Chaos in Muzaffarabad following the deaths of 12 protesters; anxiety mounts for Shehbaz and Munir.
PoK में बवाल से हिला पाकिस्तान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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PoK Protest Muzaffarabad Long March News In Hindi: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थिति अनियंत्रित होती जा रही है। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) द्वारा मुजफ्फराबाद तक प्रस्तावित 'लॉन्ग मार्च' से पहले भड़की हिंसा ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में अब तक कम से कम 12 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें दो सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए करीब 4,000 रेंजर्स, पुलिस और फ्रंटियर कॉर्प्स के जवानों को तैनात किया है, लेकिन आक्रोश थमता नजर नहीं आ रहा है।

मीडिया को ब्लैकआउट किया गया

तनाव को देखते हुए रावलकोट जैसे प्रमुख शहरों में बिना किसी पूर्व सूचना के मीडिया ब्लैकआउट लागू कर दिया गया है। पत्रकारों को शहर में प्रवेश करने से रोका जा रहा है, जिससे जमीनी हकीकत और स्वतंत्र रिपोर्टिंग बुरी तरह प्रभावित हुई है। स्थानीय प्रशासन ने मुजफ्फराबाद की ओर जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों को सील कर दिया है ताकि प्रदर्शनकारियों के हुजूम को रोका जा सके।

क्यों सुलग रहा है PoK?

यह आंदोलन पिछले कई वर्षों में इस क्षेत्र का सबसे बड़ा सरकार विरोधी प्रदर्शन माना जा रहा है। शुरुआत में यह विरोध प्रदर्शन केवल बाहरी लोगों के लिए आरक्षित विधानसभा सीटों के खिलाफ था लेकिन अब यह एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले चुका है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • बढ़ती महंगाई और बिजली की भारी कीमतों पर लगाम।
  • शासक वर्ग को मिलने वाले विशेषाधिकारों की समाप्ति।
  • स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों पर जनता का नियंत्रण।
  • मंगला डैम का उचित मुआवजा और प्रशासनिक सुधार।
  • JAAC कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमों की वापसी।

मानवीय संकट की आहट

JAAC नेताओं का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार ने पिछले कई हफ्तों से क्षेत्र में खाद्य सामग्री और दवाओं की आपूर्ति रोक दी है, जिससे एक गंभीर मानवीय संकट पैदा हो गया है। आंदोलन के प्रमुख नेता सरदार अमन खान ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए भारत से मानवीय मदद की गुहार भी लगाई है। उनका दावा है कि लगभग 40,000 लोग मुजफ्फराबाद की ओर कूच करने के लिए तैयार हैं।

भारत ने जताई तीखी प्रतिक्रिया

PoK के बिगड़ते हालातों पर भारत के विदेश मंत्रालय ने भी कड़ा रुख अपनाया है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान द्वारा दशकों से किए जा रहे शोषण और प्रशासनिक दमन का नतीजा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान के इस रवैये पर उसे जवाबदेह ठहराने की अपील की है। फिलहाल, पूरे इलाके में सेना की भारी मौजूदगी और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

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