पेट्रोल-डीजल की महंगाई होगी कम! 5 देशों के दौरे पर पीएम मोदी, UAE के साथ तेल-गैस समझौते पर टिकी नजरें

PM Modi UAE Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से राहत पाने के लिए यूएई की यात्रा शुरू की है। यह महत्वपूर्ण दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब मध्य पूर्व में भारी तनाव है।
PM Modi UAE Visit: Modi Visits UAE To Solve Petrol Diesel Price Hike Amid Middle East Crisis Now
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (सोर्स-सोशल मीडिया)
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PM Modi UAE Visit Amid Middle East Crisis: दुनिया में इस समय तेल संकट बहुत ही ज्यादा गहराता जा रहा है। ईरान और इजरायल युद्ध के कारण मध्य पूर्व के अहम समुद्री रास्ते बुरी तरह से चोक हो गए हैं। इन सबके बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 15 मई को संयुक्त अरब अमीरात से अपनी 5 देशों (UAE, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली) के 5-दिवसीय अहम दौरे की शुरू की।

होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता लगभग पूरी तरह से बंद होने के कगार पर है जिससे भारी तनाव बढ़ा है। इसका सीधा असर भारत पर पड़ रहा है क्योंकि देश अपना 85 प्रतिशत से अधिक तेल आयात करता है। इसी बीच भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सीधे 3-3 रुपये का इजाफा कर दिया है जिससे जनता परेशान है।

पीएम मोदी अबू धाबी में करेंगे ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा

इस बेहद कठिन और तनावपूर्ण माहौल में पीएम मोदी अबू धाबी में UAE के राष्ट्रपति से बहुत अहम मुलाकात करेंगे। दोनों बड़े नेताओं के बीच इस महत्वपूर्ण बातचीत में ऊर्जा सुरक्षा का गंभीर मुद्दा सबसे ऊपर रहने वाला है। भारत को पूरी उम्मीद है कि इस ऐतिहासिक दौरे से पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से बड़ी राहत मिलेगी।

भारत के पास वर्तमान में 5.33 एमएमटी क्षमता वाले तीन बड़े रणनीतिक तेल भंडारण केंद्र पहले से मौजूद हैं। सरकार अब भविष्य में 6.5 एमएमटी क्षमता वाले दो और नए केंद्र बनाने की बहुत बड़ी योजना बना रही है। UAE की मदद से भारत अपने इस रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को और भी ज्यादा बढ़ाना चाहता है ताकि ऊर्जा सुरक्षा रहे।

लम्बे समय के लिए समझौते मुमकिन

भारत इस दौरे में सिर्फ तत्काल तेल सप्लाई नहीं बल्कि लंबी अवधि के कच्चे तेल के सुरक्षित समझौते भी चाहता है। इसके साथ ही खाना पकाने वाली गैस की सुरक्षा के लिए ज्यादा एलएनजी सप्लाई की भी पूरी उम्मीद की जा रही है। जनवरी में भारत ने UAE के साथ 3 अरब डॉलर का एक बहुत बड़ा एलएनजी समझौता पहले ही संपन्न किया था।

UAE हाल ही में ओपेक से बाहर निकला है जिससे उसके पास अब अपना तेल उत्पादन बढ़ाने की पूरी आजादी है। वैश्विक संकट के इस मुश्किल समय में UAE भारत के लिए एक बहुत ही भरोसेमंद सप्लायर आसानी से बन सकता है। दोनों देश आने वाले वर्षों में अपने द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का बहुत बड़ा लक्ष्य रखते हैं।

विदेशी मुद्रा बढ़ाने में भारतीयों का अहम योगदान

भारत के लगभग 45 लाख से ज्यादा नागरिक इस समय यूएई में रहकर अपना बहुत ही अहम योगदान दे रहे हैं। वे बड़ी मात्रा में भारत पैसा भेजते हैं जिससे देश के विदेशी मुद्रा प्रवाह को बहुत भारी मजबूती मिलती है। इस दौरे पर दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग को और ज्यादा मजबूत करने पर भी चर्चा होगी।

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