गांव बसा नहीं...आधे-अधूरे सीजफायर पर नाचने लगे पाकिस्तानी, शहबाज-मुनीर के लिए की नोबेल पुरस्कार की मांग

US Iran Ceasefire: पाकिस्तान में शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर के लिए नोबेल शांति पुरस्कार की मांग तेज। अमेरिका-ईरान सीजफायर को बताया बड़ी जीत, लेकिन जमीनी हालात और ट्रंप की चेतावनी ने बढ़ाई चिंता।
Pakistan Demands Nobel for Shehbaz Sharif
शहबाज शरीफ, आसिम मुनीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Pakistan Demands Nobel for Shehbaz Sharif: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ऐलान किया था कि अमेरिका और इजरायल, ईरान पर अपने हमलों को 15 दिनों के लिए रोकेंगे। उन्होंने यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की अपील के बाद लिया बताया। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान को बातचीत की मेज तक लाने में चीन की भूमिका रही है।

हालांकि, इस सीजफायर की स्थिरता को लेकर अभी भी गंभीर संदेह बना हुआ है। इसी बीच पाकिस्तान के मीडिया में इसे बड़ी कूटनीतिक जीत के तौर पर पेश किया जा रहा है। कई टीवी चैनलों पर शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की जमकर तारीफ हो रही है, यहां तक कि उनके लिए नोबेल शांति पुरस्कार की मांग भी उठने लगी है।

शहबाज-मुनीर को मिले नोबेल शांति पुरस्कार

पाकिस्तानी चैनल ARY पर एक डिबेट के दौरान पैनलिस्ट्स ने कहा कि पाकिस्तान के नेतृत्व ने जो भूमिका निभाई है, उसके बाद शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर नोबेल शांति पुरस्कार के सबसे मजबूत दावेदार हैं। कुछ पैनलिस्ट्स ने यह भी कहा कि दुनिया के नेताओं को उन्हें औपचारिक रूप से इस सम्मान के लिए नामांकित करना चाहिए। यह मांग ऐसे समय में सामने आई है जब जमीनी हालात पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं और सीजफायर का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। खुद डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर के अगले ही दिन संकेत दिया कि अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है और हालात बिगड़ने पर कार्रवाई की जा सकती है।

पाकिस्तान में होने वाली है मीटिंग

इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता पर भी अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। यह बातचीत पाकिस्तान में होने वाली है, लेकिन मौजूदा तनाव और आपसी अविश्वास के कारण इसके सफल होने पर सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा, लेबनान पर इजरायली हमले के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को एक बार बंद कर दिया है जिससे स्थिती और गंभीर हो गई है।

कुल मिलाकर एक ओर जहां पाकिस्तान इस सीजफायर को अपनी बड़ी कूटनीतिक सफलता के रूप में पेश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर हालात अभी भी नाजुक बने हुए हैं और आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाएगी, यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। 

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